इस मामले को लेकर शमीम बी के पिता मोहम्मद सलीम का कहना है कि उसकी बेटी ने भाग कर शादी की थी। यह घर भी 50 हजार रुपये में गिरवी रखा था। एग्रीमेंट का समय पूरा होने के बाद भी मकान खाली नहीं किया तो न्यायालय की शरण लेना पड़ी। करीब नौ सालों तक चले मुकदमे के बाद अब जाकर फैसला पक्ष में आया।
रतलाम में एक पिता ने अपनी बेटी को घर से बेघर कर दिया। पिता की प्रताड़ना से तंग होकर बेटी ने रात में जहरीला पदार्थ खा लिया। इस वजह से उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
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ये है पूरा मामला
रतलाम शहर के सुभाष नगर क्षेत्र के एक मकान में शमीम बी नाम की महिला रहती थी। महिला को उसके ही पिता मोहम्मद सलीम ने पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में घर से बेघर कर दिया। बेटी मिन्नतें करती रही लेकिन पिता नहीं माना और उसने बेटी को सामान सहित घर के बाहर निकलवा दिया।
पिता के इस बर्ताव को बेटी बर्दाश्त नहीं कर पाई और रात को उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। पुलिस की मुताबिक फिलहाल शमीम बी की हालत स्थिर बनी हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शमीम बी के पिता मोहम्मद सलीम का कहना है कि उसकी बेटी ने भाग कर शादी की थी। यह घर भी 50 हजार रुपये में गिरवी रखा था। एग्रीमेंट का समय पूरा होने के बाद भी मकान खाली नहीं किया तो न्यायालय की शरण लेना पड़ी। करीब नौ सालों तक चले मुकदमे के बाद अब जाकर फैसला पक्ष में आया। पिता को कब्जा दिलाने के लिए पुलिस और प्रशासन का अमला मौके पर पहुंच गया और कब्जा दिलाया।
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बेटी ने कोर्ट मैरिज करने पर बदला लेने का लगाया आरोप
दूसरी ओर शमीम बी का कहना है कि वह वर्ष 2007 से मकान में रहती है। वह मकान के दो लाख 22 हजार रुपये पिता को दे चुकी है, लेकिन उसकी कोई लिखा पढ़ी नहीं है। 50 हजार रुपये में जेठ को मकान बेचा था। बाद में रकम लाकर पिता को दी थी लेकिन वह अब बदल गए हैं। महिला ने बताया कि मैंने कोर्ट मैरिज की थी। पिता उसी का बदला ले रहे हैं। उन्होंने बाप-बेटी के रिश्ते को भी नहीं देखा।