सार
सेवढ़ा सिविल न्यायालय में चोरों ने रात में मुख्य द्वार समेत नजारत, प्रतिलिपि और मालखाना अनुभाग के ताले तोड़ दिए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वॉड से जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
दतिया जिले में चोरों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब उन्होंने न्यायालय परिसर को भी निशाना बना लिया। सेवढ़ा स्थित सिविल न्यायालय भवन में अज्ञात बदमाशों ने रात के अंधेरे में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने न्यायालय के मुख्य द्वार समेत नजारत, प्रतिलिपि और मालखाना अनुभाग के कुल चार स्थानों के ताले तोड़ दिए। घटना 24 और 25 अगस्त की दरमियानी रात की बताई जा रही है। मंगलवार सुबह घटना का पता चलते ही न्यायालय परिसर और प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे सफाई कर्मचारी विनोद, रात्रिकालीन चौकीदार सुरेंद्र यादव के घर से न्यायालय की चाबी लेकर परिसर पहुंचा। मुख्य द्वार पर पहुंचने पर उसने देखा कि गेट का ताला टूटा हुआ नीचे पड़ा है। इसके बाद उसने तत्काल न्यायालय के भृत्य मिंटे परिहार को सूचना दी।
भृत्य ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शिवम सोनी को घटना की जानकारी दी। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुबह करीब 7 बजे फोन पर न्यायालय के प्रभारी अधिकारी एवं द्वितीय जिला न्यायाधीश पूरन सिंह को सूचना दी। जानकारी मिलते ही अधिकारी करीब आधे घंटे के भीतर, सुबह 7:30 बजे न्यायालय पहुंच गए।
निरीक्षण के दौरान पता चला कि सिर्फ मुख्य द्वार ही नहीं, बल्कि नजारत अनुभाग, प्रतिलिपि अनुभाग और मालखाना अनुभाग के कमरों के ताले भी तोड़े गए हैं। बदमाशों ने न्यायालय भवन के भीतर कई हिस्सों को निशाना बनाया।
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सबसे बड़ी चिंता मालखाना अनुभाग को लेकर है। यहां वर्षों पुराने आपराधिक मामलों से जुड़े जब्तशुदा सामान, हथियार और महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे जाते हैं। न्यायालय प्रशासन के अनुसार, मालखाने की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वहां से कोई सामान चोरी हुआ है या नहीं। फिलहाल सामान और दस्तावेजों का मिलान कर सूची तैयार की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही सेवढ़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(ए), 331(4) तथा शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित अधिनियम की धारा 3 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी मंजीत सिंह चावला ने फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर भेजा। टीमों ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब न्यायालय परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जल्द आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इस घटना के बाद सेवढ़ा सिविल न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।