धार्मिक नगरी दतिया में दर्शन के लिए पहुंचे फिल्म निर्माता अमित जानी को पाकिस्तान से कथित तौर पर मिली जान से मारने की धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जानी ने आरोप लगाया है कि रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात उन्हें व्हाट्सएप पर ऑडियो, वीडियो और कॉल के जरिए धमकी दी गई। धमकी देने वाले ने खुद को पाकिस्तान का निवासी बताते हुए फिल्म 'काला हिरण' रिलीज नहीं करने की चेतावनी दी।
नोएडा निवासी अमित जानी 6 जुलाई को मां पीतांबरा पीठ मंदिर में दर्शन के लिए दतिया आए थे। रात में वह शहर के एक होटल में ठहरे हुए थे। उनके अनुसार, रात करीब 1 बजे उनके मोबाइल पर पाकिस्तान के कंट्री कोड +92 वाले नंबर से व्हाट्सएप मैसेज, ऑडियो और वीडियो क्लिप भेजी गई।
अगले दिन 7 जुलाई की सुबह करीब 9:47 बजे पाकिस्तान के ही एक अन्य नंबर से उन्हें व्हाट्सएप कॉल आई। अमित जानी का दावा है कि कॉल करने वाले ने अपना नाम शहजाद भट्टी बताया और खुद को एक आतंकी संगठन से जुड़ा होने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि फोन पर उनसे कहा गया, "काला हिरण फिल्म को रिलीज मत करना, वरना गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।" साथ ही उन्हें और उनके परिवार को भी नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। धमकी मिलने के बाद अमित जानी ने दतिया कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उनकी शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस दोनों पाकिस्तानी नंबरों की लोकेशन, व्हाट्सएप कॉल डिटेल और भेजी गई ऑडियो-वीडियो क्लिप की फोरेंसिक जांच करा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कॉल और मैसेज वास्तव में पाकिस्तान से किए गए थे या फिर नंबर स्पूफिंग के जरिए भेजे गए।
पुलिस पूछताछ में अमित जानी ने बताया कि यह पहली बार नहीं है। उनके अनुसार, इससे पहले भी फिल्म को लेकर उन्हें इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। इस संबंध में उन्होंने राजस्थान के जोधपुर जिले के रतनवाड़ा थाने में भी शिकायत दर्ज कराई थी। फिल्म 'काला हिरण' पिछले कुछ समय से विवादों में है। सूत्रों के अनुसार, फिल्म की रिलीज से जुड़ा मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है। पुलिस का मानना है कि इसी वजह से निर्माता को निशाना बनाए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए साइबर और अन्य संबंधित एजेंसियों से भी समन्वय किया जा रहा है। तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अमित जानी ने कहा, "मुझे कानून और संविधान पर पूरा भरोसा है। धमकियों से डरकर कला को नहीं रोका जा सकता। मुझे पुलिस की जांच पर विश्वास है।" फिलहाल पुलिस धमकी देने वाले की पहचान और उसकी मंशा का पता लगाने के लिए सभी डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।