दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने आखिरकार अपने पत्ते खोलते हुए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बना दिया है। उनके नाम के ऐलान के साथ ही पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के चुनाव मैदान में उतरने की सभी अटकलों पर विराम लग गया। पिछले कई दिनों से उनके टिकट को लेकर सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं।
टिकट नहीं मिलने से भड़का विरोध
डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आ गई। शुक्रवार को समर्थकों ने दतिया-झांसी हाईवे पर चक्का जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया। विरोध इतना बढ़ा कि भाजपा के दतिया जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण समेत कई पदाधिकारियों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए। वहीं, कई नाराज कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने तक की चेतावनी दे डाली। उनके समर्थक रातभर 'नरोत्तम मिश्रा जिंदाबाद' और 'टिकट वापस लो' के नारे लगाते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक पार्टी अपना फैसला वापस नहीं लेगी, वे सड़क से नहीं हटेंगे।
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क्या बोले नरोत्तम मिश्रा?
मैंने कल भी विस्तार से अपनी बात रखी थी और आज भी विस्तार से बता रहा हूं। यह पार्टी का निर्णय है। मैं अपने सभी कार्यकर्ताओं से विशेष रूप से निवेदन करना चाहता हूं कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पेट्रोल या मिट्टी का तेल डालने जैसी गतिविधियां दिखाई दे रही हैं, वे इस प्रकार का कोई भी कार्य न करें। साथ ही, किसी भी सड़क या रास्ते को अवरुद्ध न करें। पार्टी में अपनी बात रखने के लिए उचित मंच और प्रक्रिया होती है। अपनी असहमति इसी तरह व्यक्त की जानी चाहिए, इस प्रकार नहीं।"
सुबह खुला जाम
शनिवार सुबह भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जाम समाप्त कराने का प्रयास किया। प्रशासन के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने हटने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया, जबकि प्रशासन ने इससे इनकार किया। इस बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। मौके पर कुछ देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।