दतिया जिले में समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं खरीदी में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। कई खरीदी केंद्रों पर तय मानकों को दरकिनार कर गीला, सड़ा और मिट्टी मिला गेहूं भी खरीदा जा रहा है। इससे पूरी खरीदी व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है।
मिट्टी, कंकड़ और पत्थर बोरियों में भरकर तौला जा रहा
जिले के कई केंद्रों पर स्थिति चिंताजनक है। यहां बिना उचित जांच के मिट्टी, कंकड़ और पत्थर मिला गेहूं सीधे बोरियों में भरकर तौला जा रहा है। गुणवत्ता जांच के लिए जिम्मेदार सर्वेयर कई स्थानों पर मौजूद नहीं हैं, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
खरीदी का आंकड़ा और स्थिति
इस सीजन में गेहूं खरीदी 20 अप्रैल से शुरू होकर 23 मई तक चलेगी। जिले में कुल 49 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, जहां 19,700 से अधिक पंजीकृत किसान अपनी उपज बेचने के पात्र हैं। सोमवार तक 4,622 किसानों से 2.31 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है। इनमें से लगभग 2 लाख क्विंटल परिवहन के लिए तैयार है, लेकिन अब तक केवल 1.82 लाख क्विंटल का ही उठाव हो सका है। करीब 21 हजार क्विंटल गेहूं अभी भी केंद्रों पर खुले में पड़ा हुआ है।
बरसात से बचाव के इंतजाम नहीं
नियमों के अनुसार, खरीदी केंद्रों पर बारिश से बचाव के लिए त्रिपाल और फट्टों की व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन कई जगह यह व्यवस्था नहीं दिखी। नतीजतन खुले में रखा गेहूं भीगकर खराब हो रहा है। इसके बावजूद ऐसे सड़े गेहूं की भी खरीदी जारी है, जबकि गुणवत्ता जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।
निजी मार्केटिंग कंपनियों के हाल बेहाल
सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे उनाव रोड स्थित गाड़ीघाट के सामने एक निजी खरीदी केंद्र पर अव्यवस्था का आलम दिखा। यहां गेहूं के बड़े ढेर लगे थे और तुलाई जारी थी। करीब 30 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं। गोदाम पूरी तरह भरा हुआ था और कई बोरियां फटी हुई थीं, जिनसे गेहूं जमीन पर गिर रहा था। मिट्टी मिला गेहूं रिजेक्ट होने पर किसान उसे वापस ले जाने को मजबूर दिखे।
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ऐसा ही हाल दुरसड़ा स्थित निजी वेयरहाउस में भी देखने को मिला। यहां पर कामद, इमलिया और चरवरा केंद्र संचालित हो रहे हैं। गोदाम के बाहर 50 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी थीं और किसान सुबह से तुलाई का इंतजार कर रहे थे। अंदर रखी बोरियों की जांच में पत्थर, मिट्टी और धूल मिली। खुले में पड़ा गेहूं सड़ चुका था और उससे तेज दुर्गंध आ रही थी। उनाव रोड पर एयरपोर्ट के पास स्थित वेयरहाउस के पठरा खरीदी केंद्र में भी अनियमितताएं सामने आईं। यहां खुले मैदान में गेहूं पड़ा था। बिना तौले गेहूं साफ दिखा, लेकिन तौली गई बोरियों में मिट्टी मिली। जांच में आठ-नौ बोरियों में 25 से 30 प्रतिशत तक काली मिट्टी पाई गई, जिससे साफ है कि बिना छनाई के और मिलीभगत से घटिया गुणवत्ता का गेहूं भरा जा रहा है।
क्या बोले अधिकारी
इस मामले में जिला आपूर्ति अधिकारी सनंद शुक्ला ने कहा- 'मैं जल्द ही खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करूंगा। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। कुछ जगह पुराने बारदाने के इस्तेमाल से भी समस्या सामने आई है।'