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दतिया में बगावत: नरोत्तम का टिकट कटा तो झांसी हाईवे जाम, पदाधिकारियों ने दिए इस्तीफे, पार्टी छोड़ने की चेतावनी

Fri, 10 Jul 2026 08:32 PM IST
दतिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दतिया

सार

दतिया विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी के अंदर असंतोष खुलकर सामने आ गया। शुक्रवार को पार्टी द्वारा आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी घोषित करते ही सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने दतिया-झांसी हाईवे पर करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लगा दिया। घंटे भर तक आवागमन ठप रहा। 
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दतिया में नरोत्तम मिश्रा समर्थकों का हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा द्वारा पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी खुलकर सामने आ गई। शुक्रवार को नाराज कार्यकर्ताओं ने दतिया-झांसी हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे करीब तीन किलोमीटर लंबा वाहनों का जाम लग गया। वहीं दतिया उपचुनाव में डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटने का भारी विरोध हो रहा है। दतिया से भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण सहित सभी पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं पार्टी छोड़ने की चेतावनी भी दी जा रही है।  

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प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेतृत्व के फैसले का विरोध करते हुए नारेबाजी की। उनका कहना था कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा के स्थान पर घोषित किए गए उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को वे नहीं जानते और इस फैसले से कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। 
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दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद पार्टी में भूचाल आ गया है। जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में पार्टी के शीर्ष से लेकर बूथ स्तर तक के पदाधिकारियों ने पदों से इस्तीफे के बाद पार्टी छोड़ने तक की चेतावनी दे दी है। उनका साफ कहना है कि 24 घंटे में डॉ. नरोत्तम मिश्रा को प्रत्याशी नहीं बनाया गया तो सभी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे।

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पत्र लिखकर चेताया
भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को पत्र लिखा है और साथ ही प्रेस बयान जारी कर कहा कि पार्टी द्वारा दतिया उपचुनाव में लिया गया निर्णय एकतरफा है। इसमें जमीनी कार्यकर्ताओं की भावनाओं और सुझावों की पूरी तरह उपेक्षा की गई है। उन्होंने ऐलान किया कि अगर 24 घंटे के भीतर आलाकमान ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को प्रत्याशी घोषित नहीं किया तो वे और उनके साथ सैकड़ों पदाधिकारी पार्टी के सभी दायित्वों से इस्तीफा दे देंगे। जरूरत पड़ी तो प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दी जाएगी। जिलाध्यक्ष ने इस्तीफा देने वालों की लंबी सूची भी जारी की। इसमें जिला अध्यक्ष सहित सभी जिला पदाधिकारी,जिला पंचायत अध्यक्ष और जनपद अध्यक्ष,नगर पालिका दतिया अध्यक्ष, उपाध्यक्ष,बड़ौनी पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष,दतिया विधानसभा के 6 मंडलों के अध्यक्ष,सभी मोर्चा अध्यक्ष,दतिया और बड़ौनी के सभी पार्षदगण और दतिया विधानसभा की 291 बूथों के अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी शामिल है।

रघुवीर सिंह कुशवाहा ने कहा कि हम सब सामूहिक रूप से अपने पदों से इस्तीफा देते हैं। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ही दतिया की पहचान हैं। उनके बिना चुनाव लड़ना संभव नहीं। टिकट घोषणा के बाद से दतिया में विरोध लगातार तेज हो रहा है। पहले कार्यकर्ताओं ने झांसी हाईवे पर 3 किलोमीटर लंबा जाम लगाया। अब संगठन के बड़े पदाधिकारियों ने मोर्चा खोल दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि नरोत्तम मिश्रा ने दशकों तक दतिया को सींचा है। उनके नाम पर ही भाजपा यहां मजबूत हुई। ऐसे में नए चेहरे को थोपना कार्यकर्ताओं का अपमान है। 
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नारेबाजी से गूंजा हाईवे
शाम होते-होते दतिया शहर के अलग-अलग वार्डों से भाजपा कार्यकर्ता झांसी हाईवे पर इकट्ठा होने लगे। और  शाम को दतिया झांसी के बीचों-बीच धरना शुरू कर दिया।  "नरोत्तम मिश्रा जिंदाबाद", "आशुतोष वापस जाओ", "टिकट बदलो" के नारे गूंजते रहे। जाम के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सबसे ज्यादा टिकट के चयन को लेकर था। कार्यकर्ताओं का कहना था कि दतिया की राजनीति नरोत्तम मिश्रा के नाम से चलती है। उनके काम और पहचान से ही भाजपा यहां मजबूत हुई है।

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मतदान में भाजपा का करेंगे विरोध 
एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने कहा कि हम 20 साल से पार्टी के लिए मेहनत कर रहे हैं। अचानक बाहर से नाम थोप दिया गया। आशुतोष तिवारी कौन हैं? हमने उन्हें कभी दतिया में काम करते नहीं देखा। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने पार्टी नेतृत्व को सीधी चेतावनी दे डाली। ऐलान किया गया कि अगर टिकट नहीं बदला गया तो वे उपचुनाव में भाजपा का विरोध करेंगे। हम चुप नहीं बैठेंगे। अगर हमारी बात नहीं सुनी गई तो इस बार कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेंगे। हमें उम्मीदवार नहीं, कार्यकर्ताओं का सम्मान चाहिए। सूचना मिलते ही एसडीएम, सीएसपी सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से बातचीत कर जाम खुलवाने की कोशिश की। करीब एक घंटे बाद यातायात आंशिक रूप से बहाल हो सका, लेकिन कार्यकर्ताओं का विरोध जारी है। 

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