रविवार को मध्यप्रदेश के दतिया जिले में लांच थाना क्षेत्र के खेरौना घाट पर हुए नाव हादसे में अब तक बारह शव निकाले जा चुके हैं। आधा दर्जन लोग अभी भी लापता बने हुए हैं। रविवार रात को सिंध नदी में नाव पलटने से हादसा हो गया था।
दतिया से 45 किलोमीटर दूर स्थित लांच गांव निवासी बलवीर केवट के घर शादी का कार्यक्रम था।
रविवार को वह अपने परिजनों और रिश्तेदारों के साथ सिंध नदी के पार ग्वालियर जिले के ग्राम सिरेटा में भात मांगने के लिए नाव से जा रहा था।
रात लगभग आठ बजे खैरोना घाट से नाव में सवार होकर सिलेटा के लिए रवाना हुए। कुछ ही दूरी पर चलकर नाव पलट गई। नाव के पलटते ही उसमें सवार लोगों की की चीखपुकार सुन मौके पर किसी ग्रामीण ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों व गोताखोरों की मदद से रविवार रात को सात शव निकाल लिए थे, उनकी शिनाख्त चांदनी (9) पुत्री राजू मांझी, मुलिया (60), लली (22), पवन (3) पुत्र राजाराम, करुआ (3) पुत्र बलवीर, मनीष (2) पुत्र कल्लू के रूप में की थी, जबकि एक बच्चे की शिनाख्त नहीं हो सकी थी, सोमवार को उसकी शिनाख्त अंजनी (छह माह) पुत्री राजाराम के रूप में हुई। वहीं, गोताखोरों ने मृतक पवन की मां भारती पत्नी राजाराम सहित 15 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया था।
सोमवार को घटना के शिकार बने पांच अन्य लोगों के शव भी निकाले गए। अब हादसे में मरने वालों की संख्या बारह हो गई है। इनमें नौ बच्चे व तीन महिलाएं शामिल हैं। इनकी शिनाख्त रज्जो (15) पुत्री सुक्खा
केवट, मन्नू (2) पुत्री राजू केवट, किरण (30) पत्नी राजू मांझी, बाबू (9) पुत्र राजू मांझी व पूजा पुत्री राजू मांझी के रूप में की गई।