जेल के अंदर तिलक लगाने जाती बहनें
दमोह में होली पर्व के तीसरे दिन बुधवार को भाई दूज पर आंखों में आंसू लिए बहनें अपने भाई का तिलक करने जिला जेल पहुंचीं। सुबह से ही बहनें लाइन में लगकर अपने नंबर का इंतजार कर रही थी। भाई के पास पहुंचते ही बहनों के आंसू छलक आए। उन्होंने अपने भाई से वादा भी लिया कि जेल से बाहर आकर वह अच्छा आदमी ही बने।
दमोह जिला जेल के बाहर सुबह नौ बजे से बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचने लगी थी। वहां लंबी लाइन लगी थी। पूरी प्रक्रिया से गुजरने के बाद महिलाएं जेल परिसर में पहुंची और भाई का टीका किया। साथ ही यह वचन भी लिया कि आगे वह कोई ऐसा गलत काम नहीं करेगा, जो इस प्रकार से जेल में बहन को अपने भाई का टीका करने आना पड़े। जेलर सीएल प्रजापति ने बताया की भाई दूज पर्व बहनों ने जेल में अपने भाइयों के साथ मनाया। प्रदेश की 90% जेलों में यह मिलाई का आयोजन पूर्ण रूप से बंद है, केवल बुंदेलखंड अंचल में ही शासन के निर्देश पर दमोह जेल में बंदियों से उनके परिजनों को मिलवाया गया। किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री अंदर ले जाने की सख्त मनाही थी। केवल कुछ मीठा ही बहनें भाइयों के लिए लेकर आ सकती थी। सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक मिलाई का यह कार्यक्रम रखा गया है। बंदियों के परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है।