दमोह शहर के सीताबावड़ी इलाके में गर्भवती गाय की हत्या के बाद प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। रविवार को तीसरे दिन भी प्रशासन ने आरोपियों के अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया। इस दौरान करीब 6 मकान गिराए गए। पुलिस, प्रशासन और नगरपालिका के अधिकारी सुबह 8 बजे ही मौके पर पहुंचे थे। राजस्व विभाग की टीम ने सभी अवैध अतिक्रमणों को चिह्नित कर जेसीबी से तोड़ा। अब तक दो एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को अतिक्रमणमुक्त कर लिया गया है। ये अतिक्रमण दमोह-कटनी बाईपास के पास प्रधानमंत्री आवास योजना के भवनों के आसपास किए गए थे।
शनिवार को भी इस इलाके में बड़े पैमाने पर आरोपियों के घर गिराए गए थे, जिसके बाद समाज के विभिन्न वर्गों के लोग आक्रोशित हो गए थे। वे आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। तहसीलदार मोहित जैन ने बताया कि अतिक्रमण करने वाले लोग अपने ठिकाने छोड़कर फरार हो गए हैं और कोई भी व्यक्ति अपनी संपत्ति का दावा करने नहीं आया है। अब भू-माफिया के खिलाफ पुलिस में मामले दर्ज किए जाएंगे।
यह घटना शुक्रवार को हुई, जब सीताबावड़ी क्षेत्र में कुछ बदमाशों ने अतिक्रमित घर में एक गर्भवती गाय की हत्या कर दी थी। इस सूचना के बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे थे, जहां उन पर गोली भी चलाई गई थी। इस घटना के विरोध में हिंदू संगठनों ने दमोह बंद का आह्वान किया था। पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिसमें एक महिला भी शामिल थी। शनिवार को आरोपियों का जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां अधिवक्ताओं ने उन पर हमला करने की कोशिश की और सभी ने उनका केस लड़ने से मना कर दिया। कड़ी सुरक्षा के बीच सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।