दमोह में जबेरा ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक कन्या स्कूल जलहरी में 15 अगस्त को शिक्षक निरंजन सिंह ने ध्वजारोहण किया था। जब वह ध्वजारोहण कर रहे थे, तब वहां उपस्थित कुछ लोगों ने इस बात पर आपत्ति दर्ज कराई थी कि ध्वजारोहण के लिए जो कंक्रीट का स्टैंड है, वह उस पर खड़े न हों। शिक्षक ने उसी पर खड़े होकर ध्वजारोहण किया और राष्ट्रगान भी गाया।
बताया जा रहा है कि उसी फाउंडेशन की सबसे ऊपरी सीढ़ी पर किसी महापुरुष की फोटो भी रखी हुई थी। कार्यक्रम खत्म होने के बाद शिक्षक ने जबेरा थाने जाकर आपत्ति दर्ज करने वाले पांच ग्रामीण जितेंद्र, नरेंद्र, जीवन, योगेंद्र और दुरग के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया।
जब पुलिस ने ग्रामीणों को तलब किया, तब उन्हें इस बात की जानकारी हुई कि उनके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। इसके बाद ग्रामीण जिला पंचायत सदस्य रजनी ठाकुर के साथ एसपी ऑफिस पहुंचे और एसपी को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कराने तथा शिक्षक के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया, शिक्षक ने तिरंगे का अपमान किया था, जिस फाउंडेशन पर तिरंगा फहराया गया शिक्षक उसी पर खड़े हो गए। उन्हें ऐसा करना से रोका तो शिक्षक का कहना था कि जो करना है कर लो, मुझे जो करना है मैं वही करूंगा।
वहीं, क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य रजनी ठाकुर ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने तिरंगे का अपमान तो किया ही है, वह स्कूल भी समय पर नहीं आते। जब मर्जी होती है तब आते हैं। शराब पीकर भी वह स्कूल आते हैं। क्षेत्र के आदिवासी सरपंच के साथ मिलकर विरोध करने वाले ग्रामीणों पर झूठा मामला दर्ज करा दिया है। इसलिए उनकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। वहीं, इस मामले में एसपी सुनील तिवारी का कहना है कि ग्रामीणों ने आवेदन दिया है मामले की जांच कर रहे हैं, जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।