मध्य प्रदेश के दमोह जिले में चाय पीने के बाद एक ही परिवार के तीन लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। घटना बटियागढ़ थाना क्षेत्र के आंजनी बेलखेड़ी गांव की है, जहां पिता, बेटा और बेटी ने रात में चाय पी थी। चाय पीने के कुछ ही देर बाद तीनों को तेज उल्टियां शुरू हो गईं और उनकी हालत लगातार बिगड़ने लगी। गंभीर स्थिति को देखते हुए तीनों को पहले स्थानीय अस्पताल, फिर जिला अस्पताल और बाद में बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
चाय पीने के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, आंजनी बेलखेड़ी गांव निवासी 45 वर्षीय पुस्सु उर्फ विष्णु पटेल गुरुवार रात घर पहुंचे थे। उन्होंने अपनी 17 वर्षीय बेटी शिवानी पटेल से चाय बनाने के लिए कहा। चाय बनने के बाद पुस्सु पटेल, उनकी बेटी शिवानी और 13 वर्षीय बेटे महेंद्र पटेल ने चाय पी। परिजनों के मुताबिक, चाय पीने के कुछ ही समय बाद तीनों को उल्टियां शुरू हो गईं। देखते ही देखते उनकी हालत बिगड़ने लगी, जिससे परिवार में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय अस्पताल से जिला अस्पताल और फिर जबलपुर रेफर
परिजन तत्काल तीनों को उपचार के लिए बटियागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल दमोह रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान भी उनकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। इसके बाद डॉक्टरों ने तीनों को बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
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परिजनों ने बताई पूरी घटना
मंगल पटेल ने बताया कि उनके साढ़ू भाई पुस्सु पटेल रात में घर पहुंचे थे और चाय पी थी। चाय पीने के कुछ समय बाद ही पुस्सु पटेल, उनकी बेटी और बेटे की तबीयत बिगड़ गई। सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे और तीनों को अस्पताल लेकर आए।
डॉक्टर बोले- फूड प्वाइजनिंग या जहर का हो सकता है मामला
जिला अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉ. ऐश्वर्य प्रताप सिंह ने बताया कि पहली नजर में मामला फूड प्वाइजनिंग या किसी प्रकार की प्वाइजनिंग का लग रहा है। डॉक्टर के अनुसार, तीनों मरीजों ने चाय पीने के बाद उल्टियां शुरू होने की बात बताई है। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। मामले की जानकारी पुलिस को भी दे दी गई है।
कलेक्टर के निर्देश पर शुरू हुई जांच
घटना के बाद पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों द्वारा यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चाय में किसी प्रकार का दूषित पदार्थ मिला था या फिर किसी अन्य कारण से यह घटना हुई। जांच के लिए आवश्यक नमूने भी एकत्र किए जा रहे हैं।
रिपोर्ट आने के बाद होगा खुलासा
फिलहाल तीनों का इलाज जबलपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि चाय पीने के बाद तीनों की तबीयत आखिर क्यों बिगड़ी और घटना के पीछे असली वजह क्या थी।