Damoh: ट्रक चालक से औकात पूछने वाले शाजापुर के कलेक्टर किशोर कन्याल को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने तत्काल हटा दिया, लेकिन दमोह तहसीलदार मोहित जैन द्वारा कर्मचारियों को गालियां देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। जिससे दमोह के कर्मचारी संगठनों में आक्रोश है। क्योंकि इन कर्मचारियों के द्वारा 14 दिसंबर को कलेक्टर मयंक अग्रवाल को ज्ञापन देकर तहसीलदार पर करवाई की मांग की गई थी।
शाजापुर कलेक्टर को हटाने पर मुख्यमंत्री का कहना था कि यह गरीबों की सरकार है ऐसी भाषा बर्दाश्त नहीं करेंगे जबकि दमोह के कर्मचारियों ने दमोह तहसीलदार पर गालियां देने के साथ महिला कर्मचारियों से अभद्रता का आरोप लगाया है और कलेक्टर को शिकायत करने के 20 दिन बाद भी अभी तक किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई न होने के चलते कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। इस मामले में कर्मचारी संघ द्वारा शीघ्र ही आंदोलन किए जाने की बात भी कही जा रही है।
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लगातार आरोपों से घिरे दमोह तहसीलदार मोहित जैन
बता दें दमोह तहसीलदार मोहित जैन पर अपनी ही तहसील के दलित वर्ग सहित अन्य कर्मचारियों से गाली गलौज कर अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। जिसकी शिकायत कर्मचारियों ने कलेक्टर से की थी। जिसमें लिपिक संघ के अध्यक्ष राकेश सिंह हजारी ने बताया था कि 13 दिसंबर की दोपहर तहसीलदार मोहित जैन द्वारा न्यायालय में पक्षकारों के सामने कर्मचारियों से गलत व्यवहार एवं अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। गालियां देते हुए उनकी नौकरी खाने की बात भी की जाती है। इसके अलावा न्यायालय में आने वाले पक्षकारों से भी अपशब्द एवं अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है।
कर्मचारी की पकड़ी थी कॉलर
तहसीलदार मोहित जैन पर आरोप है तहसील के भ्रत्य महेंद्र अहिरवाल की कॉलर पकड़कर धमकी दी थी। वहीं दूसरी ओर कोटवारों को भी इनके द्वारा नौकरी से हटाए जाने की धमकी लगातार दी जाती है। तहसील में पदस्थ भ्रत्यों को चौकीदार का काम सौंप कर इनके द्वारा लगातार ही उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
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बिना राजस्व मंडल के बनाया मंडल
तहसीलदार जैन पर लगातार आरोप लगते आ रहे हैं। इनपर यह भी आरोप लग चुका है कि इन्होंने अपने आप को पावरफुल दिखाने के लिए किसी भी प्रकार का राजस्व मंडल ना होने के बाद भी कलेक्टर को गुमराह करते हुए मुड़िया का एक नया मंडल बना दिया और वहां पर नायब तहसीलदार की पोस्टिंग भी करा दी। जबकि मुड़िया मंडल में नायब तहसीलदार की पोस्टिंग होने का कोई प्रावधान ही नहीं है। दमोह तहसीलदार के पद पर पदस्थ महिला अधिकारी सोनम पांडे को नीचा दिखाने एवं प्रताड़ित करने के उद्देश्य इनके द्वारा एक सीमित नियम विरुद्ध मंडल बनाकर उसे कलेक्टर से कहकर नायब तहसीलदार बनवा दिया। इनके द्वारा जिस प्रकार से अपने आप को पावरफुल बताते हुए नियम विरुद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। इन सभी मामलों में कर्मचारियों द्वारा शीघ्र ही उनके विरुद्ध एक वृहद आंदोलन किए जाने की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री से की कार्रवाई की मांग
इस मामले में कर्मचारी संघ के पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मांग की है कि जब औकात पूछने वाले कलेक्टर को एक दिन में हटाया जा सकता है तो सरेआम गाली देने वाले दलित, आदिवासी कर्मचारियों को भी सरेआम अभद्र व्यवहार करने वाले तहसीलदार मोहित जैन के विरुद्ध आज तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। क्या मुख्यमंत्री ऐसे अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई करेंगे जो अपने ही अधीनस्थ कर्मचारियों की कॉलर पकड़कर उन्हें गाली गलौज कर अपमानित कर रहे हैं। दमोह के तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ अध्यक्ष सत्यनारायण तिवारी का कहना है की तहसीलदार मोहित जैन के विरुद्ध कर्मचारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सोपा था, लेकिन इस मामले में अभी तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है। शीघ्र ही इस मामले में आंदोलन करने की तैयारी की जा रही है।
नहीं उठाया फोन
तहसीलदार मोहित जैन पर कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में जब उनसे बात करनी चाही तो कई बार फोन लगाने के बाद भी उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। जब उन्हें मेसेज के माध्यम से यह जानकारी दी तो मेसेज पढ़ने के बाद भी उन्होंने अपना पक्ष नहीं रखा। जिससे यह बात कहीं न कहीं सिद्ध होती है की कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों में सच्चाई है इसलिए तहसीलदार अपना पक्ष नहीं रख रहे।