पशुओं के पैर से निकाली गई कीलें।
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दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना के देवरी निजाम गांव में खेतों में मवेशी घुसने पर कुछ लोगों ने गायों समेत दर्जनों मवेशियों के पैरों में दो इंच की कील ठोंक दीं। स्थिति यह हो गई की पशुओं के पैर में घाव हो गए और चलना भी मुश्किल हो गया।
पशुओं के साथ इस प्रकार की क्रूरता करने की जानकारी लगने पर भगवती कल्याण संगठन के सदस्य गांव पहुंचे। संगठन के जिला अध्यक्ष डॉक्टर सुजान सिंह ने पुलिस को सूचित किया। सिंह ने संगठन के सदस्यों के साथ मवेशियों के पैर में ठुकी कीलें निकालीं। उसके बाद उनके उनका उपचार कराया गया।
फसलों को पहुंचा रहे थे नुकसान
संगठन के धर्मेंद्र पाल, जगदीश ठाकुर और लेखराम सेन ने बताया कि मवेशी किसानों के खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे थे, इसलिए कुछ लोगों ने यह क्रूर हरकत की। डॉक्टर सुजान सिंह ने बताया कि उन्हें देवरी निजाम गांव में कार्यकर्ताओं के माध्यम से इसकी सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि हमने पशुओं के प्रति क्रूरता की सूचना तेंदूखेड़ा टीआई को दी। हमने पुलिस की मौजूदगी में पशुओं की कीलें निकालीं।
फसल बचाने के कई दूसरे उपाय भी हैं
डॉ. सुजान सिंह ने लोगों से अपील की है कि मवेशी अज्ञानी होते हैं। यदि वह आपके खेतों में लगी फसलों को नुकसान करते हैं, तो उसे बचाने के कई दूसरे उपाय हैं, लेकिन इस तरह की क्रूरता न करें, क्योंकि गाय पूजनीय है।
आरोपियों की तलाश जारी
तेंदूखेड़ा टीआई फेमिदा खान ने बताया कि वह अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंची। दर्जनों की तादाद में पशुओं के पैरों में कीलें ठोंकी गई थीं। संगठन के कार्यकर्ताओं की शिकायत पर गुड्डू पिता बाबूलाल अहिरवार, गुल्ली उर्फ गुलाब आदिवासी, रितेश पिता मंगल आदिवासी पर मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।