गड्ढा देखकर लोगों को लगा किसी लाश को दफनाया गया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा नगर में रहने वाले लोगों के सामने सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाते समय अजीब नजारा सामने आया। लोगों ने देखा कि जंगल की भूमि पर गड्ढा खुदा है और ऊपर से मिट्टी डली है तो लोगों ने समझा किसी ने कोई घटना को अंजाम देने के बाद शव दफना दिया। पुलिस को सूचना दी तो पुलिस ने गड्ढे की खुदाई करवाई तो अंदर से घोड़े का शव निकला। जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
यह है पूरा मामला
प्रतिदिन की तरह जब सुबह सुदीप त्रिपाठी, शहीद अली और अन्य लोग घूमने जा रहे थे तो लोगों ने सड़क किनारे गड्ढा खुदा देखा, जबकि एक दिन पहले तक कोई गड्ढा नहीं था। ऊपर से मिट्टी डली थी तो उन्होंने समझा कि कोई व्यक्ति किसी को अंदर दफना कर भाग गया है।
पुलिस के सामने आई हकीकत
सुबह पांच बजे यह वाक्या सामने आया और कुछ ही देरी में पूरे नगर में यह बात आग की तरह फैल गई कि जमीन में कुछ दफनाया गया है। लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन किसी में गड्ढे को खोदने की हिम्मत नहीं थी और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची गड्ढे को खुदवाया गया तो अंदर घोड़े का शव निकला जिसे दफनाया गया था और घोड़ा मालिक ने भी इस बात की पुष्टि की उसके बाद मामला शांत हुआ।
तेंदूखेड़ा थाने से प्रधान आरक्षक तुलसीराम, सलीम खान और आरक्षक नीरज नामदेव मौके पर पहुंचे तो पता चला कि मंगलवार को एक घोड़ा मृत हुआ था, जिसका अंतिम संस्कार किया गया है। मौके पर जो कंबल पड़ा था वह एक पुलिसकर्मी द्वारा ही दिया गया था। पुलिस कर्मियों ने बताया कि महेंद्र पाठकर का सफ़ेद रंग का घोड़ा बीमारी के चलते मृत हो गया था जिसे दफन किया गया है जिसकी पूरी जांच पड़ताल की गई है। मौके पर पहुंचे युवाओं ने बताया कि हम लोग प्रतिदिन मॉर्निंग वॉक पर आते हैं। मंगलवार की सुबह यहां कुछ भी नही था, लेकिन बुधवार की सुबह गद्दा खुद गया। मौके पर कपड़ा और रस्सी पड़ी हुई थी। जिससे किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ।