डॉक्टर नरेंद्र यादव उर्फ एन जॉन केम
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मध्यप्रदेश के दमोह स्थित मिशन हॉस्पिटल में हार्ट सर्जरी के नाम पर सात मरीजों की मौत के मामले में फर्जी डॉक्टर नरेंद्र यादव उर्फ एन जॉन केम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे सोमवार को प्रयागराज से पकड़ा गया, जहां वह यमुनानगर जोन के औद्योगिक क्षेत्र में छिपा हुआ था।
मंगलवार को उसे दमोह न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। नरेंद्र यादव पर आरोप है कि उसने खुद को लंदन से आए हृदय रोग विशेषज्ञ के रूप में पेश कर दमोह के मिशन हॉस्पिटल में जनवरी-फरवरी 2025 के बीच 15 मरीजों की हार्ट सर्जरी की थी, जिसमें से सात की मौत हो गई।
जांच में पता चला कि उसका मध्यप्रदेश मेडिकल काउंसिल में कोई रजिस्ट्रेशन नहीं था। गिरफ्तारी के बाद कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और डॉक्टर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को गंभीर लापरवाही करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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पुलिस अब रिमांड के दौरान यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि नरेंद्र यादव ने यह फर्जीवाड़ा कैसे अंजाम दिया और इसमें अस्पताल प्रशासन की भूमिका क्या थी। इस मामले ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और फर्जी चिकित्सकों की मौजूदगी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोर्ट में जब फर्जी डॉक्टर एन जॉन कैम को पेश किया गया, तब वकीलों ने हंगामा किया। उनका आरोप था कि मिशन अस्पताल धर्मांतरण के साथ गलत ऑपरेशन भी करवा रहा है।
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आरोपी को किया न्यायालय में पेश, पुलिस को मिली पांच दिन की रिमांड
दमोह मिशन अस्पताल के फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर को पुलिस ने मंगलवार दोपहर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे पांच दिन की रिमांड पर भेजा गया है। न्यायालय से बाहर निकलने पर आरोपी डॉक्टर का लोगों ने जमकर विरोध किया। इस दौरान लोगों ने आरोपी को पकड़ना चाहा, लेकिन उसे पुलिस सुरक्षा पहरे में ले जाया गया। उसके पहले जिला अस्पताल में उसका मेडिकल चेकअप कराया गया। जहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। उसके बाद न्यायालय लाया गया। जहां पुलिस ने पूछताछ के लिए पांच दिन की रिमांड मांगी और न्यायालय ने आरोपी की रिमांड पर भेज दिया। न्यायालय परिसर में लोग आरोपी को देखकर आक्रोशित हो गए। उनका कहना था कि यह फर्जी डॉक्टर हत्यारा है और जमकर विरोध किया।