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MP Election: पथरिया विधानसभा में त्रिकोणीय मुकाबला, जातिगत समीकरण में प्रत्याशियों के साथ वोटर्स की भी परीक्षा

Thu, 16 Nov 2023 11:49 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

MP Election: पथरिया विधानसभा क्षेत्र में अराजकता तथा विकास का मुद्दा अहम है। बच्चों को नदी, नालों को पार कर स्कूल जाना पड़ता है। इस कारण यहां की जनता काफी नाराज है। पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा का अभाव आज भी इस विधानसभा क्षेत्र में अनेक जगह बना हुआ है।
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पथरिया में होगा त्रिकोणीय मुकाबला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दमोह जिले की पथरिया विधानसभा में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला है और जातिगत समीकरण के बीच प्रत्याशियों के साथ मतदाताओं की भी परीक्षा है। क्योंकि इस विधानसभा में लोधी, कुर्मी और दलित समाज का प्रमुख वोट बैंक है और यह जिस तरफ चला गया उसी प्रत्याशी को विजय हासिल हो पाएगी।
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1962 के चुनाव में अस्तित्व में आई पथरिया विधानसभा क्षेत्र के लिए यह 15वां विधानसभा चुनाव है। यहां इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा व कांग्रेस के साथ बसपा, भारतीय चेतना शक्ति पार्टी तथा निर्दलीय मिलाकर 17 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। 2008 चुनाव के पूर्व परिसीमन में पथरिया विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित थी, लेकिन परिसीमन के बाद यह क्षेत्र सामान्य वर्ग के लिए होकर हटा विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हो गया। इस विधानसभा क्षेत्र में कुर्मी व लोधी जाति का वर्चस्व है।

2013 के चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी लखन पटेल ने कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पेंद्र हजारी को 7315 मतों से पराजित किया था, तथा यहां से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में रामबाई 8018 मत लेकर तीसरे स्थान पर रही थी। इस चुनाव में 12 प्रत्याशी मैदान में थे। वहीं, 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में गौरव पटेल मैदान में थे। वहीं 2013 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ी। रामबाई बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही थी। इस चुनाव में कुल 21 प्रत्याशी मैदान में थे, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी गौरव पटेल भाजपा प्रत्याशी लखन पटेल के अलावा भाजपा के बागी प्रत्याशी पांच बार सांसद, चार बार विधायक रहे पूर्व मंत्री तथा बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे। जिला पंचायत की उपाध्यक्ष रामबाई बसपा प्रत्याशी के रूप में मैदान में थी। कांग्रेस के बागी जिला पंचायत सदस्य राव बृजेंद्र सिंह निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे। इसके अलावा आप पार्टी से जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष चंद्रमोहन गुरु, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी से बड़ी बहू दशरथ सिंह लोधी मैदान में थी। इस कारण से यहां का चुनाव षठकोणीय हो गया था। इस कारण से  इस चुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने जिले में पहली बार खाता खोलते हुए रामबाई परिहार को विजय श्री दिलाई थी। चुनाव में रामबाई ने 39267 मत लेकर भाजपा प्रत्याशी लखन पटेल को 2205 मतों के अंतर से पराजित किया था। पटेल को 37062 मत प्राप्त हुए थे जबकि निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे राव बृजेंद्र सिंह को 27074 मत लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी गौरव पटेल 25438 मत लेकर चौथे स्थान पर रहे।
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इस बार भी मुकाबला रोचक
इस बार इस विधानसभा क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबला स्पष्ट रूप से प्रतीत हो रहा है। जहां कांग्रेस ने 2018 के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 27000 मत प्राप्त करने वाले राव बृजेंद्र सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं भाजपा ने एक बार फिर लखन पटेल पर दांव लगाया है। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी की ओर से वर्तमान विधायक रामबाई परिहार भी चुनाव मैदान में है। जबकि 14 अन्य प्रत्याशी अन्य छोटे दलों एवं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना भाग्य आजमा रहे हैं।

सभी का अपना वोट गणित
क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी लखन पटेल का कुर्मी समाज में और कांग्रेस प्रत्याशी राव बृजेंद्र सिंह का लोधी समाज में अपना वर्चस्व है, जिस कारण से मामला और भी पेचीदा हो गया है। यहां के चुनाव में जातिगत समीकरणों का प्रभाव अधिक पड़ता है। वहीं, बहुजन समाज पार्टी की रामबाई परिहार का कुर्मी, दलित एवं राजपूत समाज में भी वर्चस्व है।

समस्याएं अनेक
अनेक समस्याओं से जूझ रहे, इस विधानसभा क्षेत्र में अराजकता तथा विकास का मुद्दा अहम है। आज भी स्कूली बच्चों को नदी, नालों को पार कर स्कूल जाना पड़ता है। इस कारण यहां की जनता काफी नाराज है। पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा का अभाव आज भी इस विधानसभा क्षेत्र में अनेक जगह बना हुआ है। इस विधानसभा क्षेत्र का मुख्यालय रेलमार्ग से जुड़े होने के बावजूद भी यह विकास के पथ पर तेजी से नहीं दौड़ सका। इस विधानसभा क्षेत्र के ऐसे अनेक गांव हैं, जिन गांवों के मतदाता मजदूरी करने के लिए प्रदेश के बाहर रहते हैं और वह तीज-त्यौहार में ही अपने घर पर आते हैं, इस कारण से इस क्षेत्र में विकास की संभावनाएं काफी हैं, लेकिन विकास ना होने से मजदूर पलायन करते हैं।

सभी का अपना मुद्दा व वादा
विधान सभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी जहां प्रदेश सरकार की विकास योजनाएं और उनके द्वारा पूर्व वर्षों में किए गए कार्यों के नाम पर आशीर्वाद मांग रहे हैं, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी पिछड़ापन को दूर करने और वर्तमान सरकार की निष्क्रियता, भ्रष्टाचार, अराजकत्ता के नाम पर आशीर्वाद मांग रहे हैं, इसके अलावा बसपा प्रत्याशी रामबाई कांग्रेस और भाजपा दोनों के द्वारा क्षेत्र की जनता को शोषित किए जाने और विकास की ओर बिल्कुल भी ध्यान ना देने से अपने आप को इस क्षेत्र को विकास की गंगा बहाने की बात कहते हुए तथा उनके द्वारा किए गए पांच वर्षों के कार्यकाल के कार्यों को जोड़कर आशीर्वाद मांग रही हैं।

1962 से 2018 तक कब, कौन जीता 
1962 रामेश्वर    निर्दलीय
1967 करोड़े लाल कांग्रेस
1972 गोपाल दास कांग्रेस
1977 जीवनलाल जनता पार्टी
1980 रूपल दास कांग्रेस
1985 श्यामलाल ठक्कर कांग्रेस
1990 मणिशंकर सुमन भाजपा
1993 कालूराम खटीक कांग्रेस
1998 गणेश खटीक भाजपा
2003 सोनाबाई अहिरवार भाजपा
2008 रामकृष्ण कुसमरिया भाजपा
2013 लखन पटेल भाजपा
2018 रामबाई परिहार   बसपा

इस बार 17 प्रत्याशी मैदान में
राव बृजेंद्र सिंह    कांग्रेस
रामबाई गोविंद सिंह  बसपा
लखन पटेल    भाजपा
कल्लन कुर्मी  भाशचेपा
प्रियंका विकास रोशन आसपा
डॉ मनोज विश्वकर्मा भाजमोपा
लीलाधर कुशवाहा जअपा
चूरामन अहिरवाल  निर्दलीय
घनी भैया   निर्दलीय
इंजी निलेश कुमार पटेल निर्दलीय
भागीरथ अहिरवार निर्दलीय
राव भूषण सिंह निर्दलीय
मुकेश रजक   निर्दलीय
मेजर राजेंद्र सिंह ठाकुर निर्दलीय
 विक्रम सिंह निर्दलीय
 संजय सेठ सदगुवा निर्दलीय
संतोष सोनी     निर्दलीय
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पथरिया विधानसभा क्षेत्र 
मतदान केंद्र - 286
कुल मतदाता - 2 लाख 37 हजार 155
पुरुष मतदात - 1 लाख 24 हजार 246
महिला मतदाता - 1 लाख 12 हजार 905
अन्य- 04
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