दमोह जिले में बटियागढ़ तहसील की ग्राम पंचायत बसिया की सड़कें युवाओं के प्रयास से रात के समय दूधिया रोशनी से जगमगा रही हैं। गांव के युवा सरपंच बलवान सिंह के सहयोग से इन युवाओं ने डेढ़ लाख रुपये जोड़कर गांव में 70 स्ट्रीट लाइट लगवाए हैं। आज आलम यह है कि जहां अंधेरा रहता था, वहां बच्चे रात के समय खेलते हैं।
बता दें, छह महीने पहले तक गांव में शाम होते ही अंधेरा छा जाता था। इससे रात में महिलाएं व युवतियां घर से बाहर निकलने से कतराती थीं। लेकिन गांव के युवा सरपंच बलवान ने अपनी टीम के साथ मिलकर बिना कोई शासकीय मदद से गांव में लगभग डेढ़ लाख रुपये की लागत से 70 स्ट्रीट लाइटें लगवा दी हैं, जिससे अब गांव में देर रात तक चहल-पहल बनी रहती है।
पहले रात में रहता था सन्नाटा
बसिया गांव के युवा सरपंच बलवान सिंह (32) एमएससी पास हैं और वह अपने गांव के युवाओं के लिए एक आदर्श भी हैं। सरपंच ने बताया कि दो साल पहले वह एक निजी बैंक में काम करते थे और अपने गांव के लोगों के लिए कुछ करने का लक्ष्य लेकर सरपंच का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उनके मन में समाज सेवा का जज्बा था। इसके लिए उन्होंने अपने साथियों की मदद से सबसे पहले गांव में स्ट्रीट लाइट लगवाने का प्लान बनाया।
गांव में लाइन बिछी थी और पोल लगे थे, लेकिन स्ट्रीट लाइट नहीं लगी थी। इसका एस्टीमेट तैयार किया, जिसमें पूरे गांव के चौराहों, तिराहों एवं अन्य स्थानों पर 70 स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए डेढ़ लाख रुपये एकत्रित किए और स्ट्रीट लाइटें लगाई। अभी तक शाम के समय गांव में सन्नाटा पसर जाता था, अब वहां पर बच्चे देर रात तक खेलते नजर आते हैं।
अस्पताल पहुंचाने निशुल्क वाहन उपलब्ध
इसके अलावा आर्थिक स्थिति से कमजोर मरीजों को बतियागढ़ स्वास्थय केंद्र या जिला अस्पताल पहुंचाने के लिए निशुल्क चार पहिया वाहन भी उपलब्ध कराया जाता है। ग्रामीण विशाल सिंह, अर्जुन सिंह, चंदन सिंह, गजराज और पवन सिंह ने बताया कि सरपंच के द्वारा निशुल्क वाहन अस्पताल तक जाने के लिए दिया जाता है। सरपंच बलवान सिंह ने बताया कि कुछ साल पहले उनके पिता बीमार हुए थे। उस समय उन्हें जबलपुर ले जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिला था। किसी तरह एक वाहन की व्यवस्था हुई, वहां पहुंचने के बाद इलाज में देरी होने से पिता का निधन हो गया था। उसी समय से उनके मन में यह बात बैठ गई कि जैसा मेरे पिता के साथ हुआ, वैसा अब किसी और के साथ नहीं होना चाहिए। उन्होंने तीन माह पहले ही चार पहिया वाहन फाइनेंस कराया है। जब भी उनके गांव के गरीब मरीज को बतियागढ़ और दमोह जाना होता है निशुल्क वाहन उपलब्ध कराते हैं। यदि मरीज को नागपुर या भोपाल जाना है तो फिर उससे डीजल का खर्च लिया जाता है।
सभी पंचायतों को करने चाहिए ऐसे काम
बटियागढ़ जनपद सीईओ अश्विनी सिंह ने बताया, बसिया ग्राम पंचायत के सरपंच बलवान सिंह के द्वारा गांव में स्ट्रीट लाइट लगवाई है। मरीजों को निशुल्क वाहन उपलब्ध कराते हैं, यह बहुत ही सराहनीय प्रयास है। सभी पंचायत को इस प्रकार के काम करने चाहिए। गांव में जो भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। शासन स्तर पर उन्हें जरूर पूरा किया जाएगा और अभी पानी की समस्या को देखते हुए एक या दो दिन के अंदर गांव में बोर कराया जा रहा है। ताकि लोगों को पानी के लिए परेशान न होना पड़े।