दमोह जिले की पटेरा तहसील अंतर्गत कुआंखेड़ा गांव में बंसल समाज के युवक की रछवाई घोड़े पर सवार होकर शांतिपूर्वक और धूमधाम से निकाली गई। खास बात यह रही कि दूल्हा घोड़े पर बैठा हाथ में भारत का संविधान लिए नजर आया। रछवाई में बंसल समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए और पूरे गांव में बैंड-बाजे के साथ आयोजन संपन्न हुआ।
परिवार को थी अनहोनी की आशंका
जानकारी के अनुसार, कुआंखेड़ा गांव निवासी बंसल परिवार ने अपने बेटे नंदू बंसल की शादी के अवसर पर रछवाई घोड़े पर निकालने की तैयारी की थी। हालांकि परिवार को आशंका थी कि कुछ दबंग तत्व आयोजन में विवाद कर सकते हैं। इसी को देखते हुए बुधवार को बंसल समाज के लोगों के साथ एससी महासभा ने पुलिस अधीक्षक श्रुति कीर्ति सोमवंशी को आवेदन सौंपकर पुलिस सुरक्षा की मांग की थी।
प्रशासन ने लिया संज्ञान, गांव में पहुंची पुलिस
एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हटा थाना पुलिस को शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। बुधवार रात पटेरा तहसीलदार उमेश तिवारी के साथ हटा थाने का पुलिस बल कुआंखेड़ा गांव पहुंचा। अधिकारियों ने बंसल परिवार के सदस्यों के साथ-साथ गांव के अन्य समाज के लोगों से भी चर्चा की। बैठक के दौरान यह पता चला कि बंसल समाज को केवल आशंका थी, जबकि गांव के अन्य समाज के लोगों ने स्पष्ट किया कि उन्हें रछवाई को लेकर कोई आपत्ति नहीं है और वे पूरा सहयोग करेंगे।
75 वर्षों में पहली बार घोड़े पर रछवाई
गुरुवार दोपहर दूल्हा नंदू बंसल घोड़े पर सवार होकर गांव में निकला। बैंड-बाजे की धुन पर पूरे गांव में रछवाई निकाली गई। इस दौरान दूल्हे के हाथ में भारत का संविधान होना सामाजिक समरसता और अधिकारों के प्रति जागरूकता का प्रतीक बना। बंसल समाज के लोगों ने बताया कि गांव में करीब 75 वर्षों में यह पहली बार है जब समाज के किसी दूल्हे की रछवाई घोड़े पर निकली है। आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर समाजजनों ने पुलिस और प्रशासन का आभार जताया।
ये भी पढ़ें:
भागीरथपुरा में दूषित पानी से 33वीं मौत, कई दिन से बीमार बुजुर्ग ने दम तोड़ा
एससी महासभा ने पुलिस को दिया धन्यवाद
एससी महासभा के अध्यक्ष आकाश भारती ने कहा कि उन्होंने एसपी को आवेदन देकर रछवाई की जानकारी दी थी, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने पूरा सहयोग किया, जिससे कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दूल्हे के भाई जीवन बंसल ने कहा, 'गांव के सभी समाज के लोग इसी तरह भाईचारे और सौहार्द के साथ मिलजुलकर रहें, यही हमारी कामना है।'