दमोह जिले के हटा ब्लॉक में आने वाले वर्धा गांव के दर्जनों ग्रामीण मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनका आरोप है कि गांव की जमीन नरसिंहपुर जिले के किसी उद्योगपति को शुगर मिल संचालित करने के लिए दी जा रही है, जो न दी जाए। लेकिन इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि जमीन किसी उद्योगपति को नहीं दी जा रही।
इस जमीन का हस्तांतरण एक सिंचाई परियोजना के तहत किया जा रहा है, जिसमें नरसिंहपुर जिले में एक सिंचाई परियोजना के लिए जमीन की आवश्यकता है। जहां वन विभाग की जमीन ली गई है। अब इस जमीन पर पौधारोपण किया जाएगा।
ग्रामीण बोले, हम कैसे करेंगे खेतों में सिंचाई
शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों का आरोप है कि किसी शुगर मिल के लिए दमोह जिले के वर्धा गांव की जमीन दी जा रही है और वह उद्योगपति नरसिंहपुर जिले का है। जमीन गांव के लोगों के उपयोग की है, जहां पर गोचर की व्यवस्था है। इसमें तालाब बना है, जिसके पानी की सिंचाई होती है। यदि जमीन किसी फैक्ट्री को दे दी जाएगी तो उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। यह पूरा मामला उस समय उजागर हुआ, जब हटा तहसीलदार के द्वारा ग्रामीणों को एक नोटिस चस्पा किया गया और लोगों से दावा आपत्ति मांगे गए।
ग्रामीणों ने इस जमीन हस्तांतरण को किसी उद्योगपति को देने का मामला समझ लिया है। जब यह बात अधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने ग्रामीणों को इस बात की जानकारी दी है। जिला प्रशासन का कहना है कि जमीन का आवंटन मामला सिंचाई विभाग से जुड़ा है। नरसिंहपुर जिले की एक परियोजना के तहत वन विभाग की जमीन ली गई है। इसलिए यहां पर जमीन हस्तांतरित की गई है, ताकि उस पर पौधारोपण किया जा सके। किसी उद्योगपति को जमीन नहीं दी गई है। मामला न्यायालय में है और ग्रामीण वहां पर अपना दावा और आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।