दमोह में भी प्रदेश व्यापी आयोजन के तहत शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा किसान न्याय यात्रा रैली निकाली गई, जिसमें जिले भर से आए सैकड़ों कांग्रेसी शामिल हुए। जिन्होंने अलग-अलग तरीके से विरोध किया। कोई बैलगाड़ी में बैल की जगह जुता था अपने कंधे से बैलगाड़ी खींच रहा था तो कोई ट्रैक्टर लेकर चल रहा था। शहर के मुख्य मार्ग से यह न्याय यात्रा निकाली गई। सागर नाका से शुरू हुई रैली शहर के प्रमुख चौराहों से होते हुए तहसील मैदान पहुंची और यहां पर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने भाजपा सरकार को जमकर कोसा।
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रतन चंद्र जैन ने कहा कि भाजपा सरकार सत्ता में आने के बाद आम लोगों की ओर किसानों की तकलीफ भूल गई है। वह अपने सत्ता के मद में चूर है। किसानों से जो वादे किए थे, उनमें से एक भी वादा इस सरकार ने पूरा नहीं किया है। हमारी मांग है कि सरकार धान खरीदी पर तीन हजार और सोयाबीन पर छह हजार मूल्य तय करें। जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक हम इसी तरह सड़कों पर आकर विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे।
दमोह के पूर्व विधायक अजय टंडन ने कहा कि भाजपा सरकार भले ही अपने आप को किसानों की हितैषी बताती है, लेकिन यह किसान विरोधी सरकार है। किसान परेशान है, अतिवृष्टि के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। लेकिन अभी तक न तो मुआवजे की घोषणा की गई हो न ही सर्वे शुरू कराया गया है। कितनी कठिनाइयों के बीच किसान फसल लगाते हैं, खाद खरीदते हैं और फसले बर्बाद हो जाती हैं। लेकिन सरकार को किसानों की कोई खबर नहीं है। कांग्रेस किसान यात्रा में दर्जनों की संख्या में कांग्रेसी ट्रैक्टर्स पर सवार होकर तहसील मैदान पहुंचे।
पूर्व विधायक अजय टंडन, जबेरा क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य रजनी ठाकुर और कई कांग्रेस के पदाधिकारी ने खुद ट्रैक्टर चलाए। कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता अर्धनग्न होकर अपने कंधों से बैलगाड़ी को खींचते हुए इस किसान नया यात्रा में चलते रहे और फिर तहसील मैदान पहुंचे। यहां पर विरोध प्रदर्शन का समापन किया गया। विरोध प्रदर्शन में पूर्व मंत्री हर्ष यादव, पूर्व विधायक प्रताप सिंह, रोहन पाठक के साथ अन्य कांग्रेस नेताओं ने दमोह एसडीएम आरएल बागरी को ज्ञापन सौंपा।