मंदिर में लगी श्रद्धालुओं की भीड़
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दमोह जिले में सोमवती अमावस्या पर बुंदेलखंड के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र बांदकपुर में भगवान जागेश्वरनाथ के दर्शनों के लिए हजारों भक्तों की भीड़ पहुंची। तेरहवें ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रसिद्ध जागेश्वरनाथ मंदिर के पट सुबह चार खुलते ही बाहर श्रद्धालुओं की लाइन लग गई। पूरे प्रदेश से हजारों श्रद्धालु बांदकपुर पहुंचे।
जिला प्रशासन के अधिकारी और पुलिस बल सुबह से मंदिर परिसर में तैनात था। बुंदेलखंड के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र के एक ही मंदिर परिसर में सभी देवताओं के मंदिर हैं। इस वजह से इस दुर्लभ योग में पुण्यार्जन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु बांदकपुरधाम पहुंचे। यहां भगवान शिव के दर्शन कर अभिषेक पूजन किया गया।
महिलाओं ने लगाई परिक्रमा
सोमवती अमावस्या पर महिलाओं के द्वारा 108 बार बरगद के पेड़ की परिक्रमा भी लगाई जाती है। मंदिर परिसर में ही सत्यनारायण भगवान की कथा का श्रवण किया। वैसे तो हर महीने में एक अमावस्या और एक पूर्णिमा होती है, लेकिन जो अमावस्या सोमवार को पड़ती है, वह सोमवती अमावस्या कहलाती है। इस दिन को स्नान, दान के लिए शुभ समझा जाता है। चूंकि सोमवार शिवजी का दिन होता है, इसलिए सोमवती अमावस्या भी उन्हीं को समर्पित होती है।
इस दिन गंगा नदी में स्नान का विशेष महत्व है, यदि वहां जाना संभव न हो पाए तो सुबह-सुबह किसी नदी या तालाब में स्नान करके भगवान शिव, माता पार्वती और तुलसी की पूजा करें। मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक रामकृपाल पाठक ने बताया कि सोमवार को सोमवती अमावस्या पर हजारों श्रद्धालु भगवान जागेश्वरनाथ के दर्शनों के लिए पहुंचे यह क्रम सुबह से शाम तक जारी रहेगा।