दमोह जिले में तेंदूखेड़ा ब्लॉक के तारादेही गांव में व्यारमा नदी किनारे खेत में मगरमच्छ का परिवार दिखाई दिया, जो पानी से बाहर निकलकर धूप सेंक रहा था। हालांकि, केवल दो मगर नदी किनारे थे और बाकी पानी के अंदर थे। इन मगरमच्छ को देखकर ग्रामीण सहम गए और उन्हें वापस नदी में भगाने का प्रयास किया।
जिले की सबसे बड़ी व्यारमा नदी में बड़ी संख्या में मगरमच्छ हैं, जो ग्रामीणों के लिए खतरा भी बने रहते हैं और आए दिन रहवासी इलाके में पहुंच जाते हैं, जिससे हड़कंप के हालात भी निर्मित हो जाते हैं। तेंदूखेड़ा ब्लॉक के तारादेही गांव से निकली व्यारमा नदी में करीब छह मगरमच्छ अपना बसेरा बनाए हुए हैं, जो आए दिन ग्रामीणों को दिखाई देते हैं।
नदी के किनारे किसानों के खेत हैं, जहां मंगलवार सुबह दो मगरमच्छ धूप सेंकते दिखाई दिए। एक मगर खेत की ओर बैठा था और दूसरा नदी किनारे और बाकी मगर पानी के अंदर थे। किसान जिनेश सिंह चंदेल के खेत में यह मगरमच्छ दिखाई दिए, जिसे देखते ही अन्य किसान भी वहां पहुंच गए और जब इन मगरमच्छ को भगाया तो वह यहां-वहां भागने लगे और कुछ देर बाद नदी में वापस चले गए।
व्यारमा नदी काफी लंबी है और तेंदूखेड़ा ब्लॉक से होकर बहती है। पानी के अंदर रहने वाले यह मगरमच्छ आए दिन नदी में आने वाले लोगों पर हमला कर देते हैं, जिससे लोग घायल होकर अस्पताल पहुंचते हैं। इसके अलावा यह मगर नदी से निकलकर किसानों के घरों की ओर भी रुख कर लेते हैं, जिसके बाद वन विभाग के द्वारा उन्हें पकड़कर जंगल में नदी, तालाब में छोड़ा जाता है।