दमोह जिले के तेजगढ़ वन परिक्षेत्र की गुटरिया बीट में गुफा के अंदर तेंदुए का शव सड़ी-गली हालत में मिला है। वन अमले को सूचना मिली तो अमला मौके पर पहुंचा और मामले की जांच शुरू की। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक तेंदुए की प्राकृतिक मौत हुई है। तेंदुए का शव कुछ दिन पुराना है क्योंकि उसके सिर्फ अवशेष बचे हैं।
तेजगढ़ वन परिक्षेत्र के जंगल में यह तेंदुआ कहां से आया और कब से यहां रह रहा था और इसकी मौत कैसे हुई, इसका पता लगाया जा रहा है। पशु चिकित्सक हरिकांत बिलवाल ने बताया कि उनके पास मृत तेंदुए के पोस्टमार्टम की सूचना आई थी। पोस्टमार्टम जबलपुर की टीम से करवाया जाता है।
10 साल पहले आ गया था बाघ
तेजगढ़ वन परिक्षेत्र में कलमली का जंगल ऐसा जंगल है जहां पूर्व में बाघ भी रहते थे। 10 वर्ष पूर्व इस जंगल में एक बाघ ने अपना बसेरा भी बना लिया था, लेकिन बाद में पन्ना टाइगर रिजर्व से आई टीम ने उसे पकड़ लिया था। बुधवार को तेंदुए का शव मिलने के बाद आसपास के गांव के ग्रामीण भी वहां पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि कलमली के जंगल और टपका के पास तेंदुआ रहता था। कभी-कभी मुख्य मार्ग पर भी दिखा, लेकिन नुकसान किसी को नहीं पहुंचाया।
गुफा के अंदर मिला मृतक तेंदुए का शव
तेंदूखेड़ा उपवनमंडल अधिकारी रेखा पटेल ने बताया कि ग्रामीण ने उन्हें सूचना दी। जानकारी लगते ही तेंदूखेड़ा रेंजर मेघा पटेल के साथ वह मौके पर पहुंची। वन मंडल अधिकारी को सूचना दी गई। तेंदूखेड़ा उपवन मंडल अधिकारी ने बताया की गुटरिया बीट के पीएफ 154 में नदी के किनारे जंगली क्षेत्र में एक गुफा है उसी में तेंदुआ मृत अवस्था में मिला है। डीएफओ एमएस उइके ने बताया कि तेंदुए की मौत सामान्य मौत है। गुरुवार को पोस्टमॉर्टम कराने के बाद तेंदुए का अंतिम संस्कार किया गया।