मारपीट में घायल युवक अस्पताल में भर्ती।
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दमोह जिले के देहात थाना की जबलपुर नाका पुलिस चौकी के चौरई गांव में मंगलवार को एक दलित परिवार के यहां शादी थी। बारात में दूल्हे को बग्घी में बैठाकर घुमाया गया, जो इलाके के दबंग और बड़े वर्ग के लोगों को नागवार गुजरा। शादी के बाद उन्होंने बग्घी में तोड़फोड़ की, घोड़े को डंडों से मारा और बग्घी मालिक के साथ भी मारपीट की। बाद में घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। बुधवार सुबह मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई।
बताया जा रहा है कि दबंगों ने बग्घी वाले को शादी से पहले ही धमकाया था कि दलितों को घोड़ी चढ़ाना मना है। हालांकि, इलाके के कुछ लोगों ने बग्घी वालों को मना लिया और उनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी ले ली। ऐसे में बग्घी वालों ने दलित दूल्हे बग्घी में बिठाकर बारात लगा दी। इस बात से नाराज दबंगों ने दूल्हे और बारात से तो कुछ नहीं कहा, लेकिन लौटते समय घोड़े और बग्घी वाले युवकों की दौड़ा-दौड़ा पीटा।
भाइयों के साथ मारपीट की
पीड़ित युवक पिटाई के बाद बचते-बचाते पुलिस चौकी पहुंचे। पुलिस ने पहले उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा और फिर सुबह आकर रिपोर्ट करने की सलाह दी। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। जयकिशन रजक ने बताया कि उसका भाई राहुल रजक, कृष्णा रजक और जगदीश अहिरवार के साथ चौरई गांव में बारात के लिए बग्घी और डीजे लेकर गए थे। कुछ दबंगों ने दलित दूल्हे को बग्घी पर बैठाने से नाराज होकर भाइयों के साथ मारपीट की। बग्घी तोड़ दी, डीजे वाहन का कांच फोड़ दिया और घोड़े को डंडों से मारा। उन्होंने जबलपुर नाका चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित ने बताया कि गांव के रत्नेश ठाकुर के ढाबे पर काम करने वाले लोगों ने यह मारपीट की है।
आज भी जारी है यह दंश
दमोह के ग्रामीण अंचलों में आज भी जात-पात और छुआछूत का बोलबाला है। दलित दूल्हों को घोड़ी चढ़ने और बग्घी में बारात निकालने की मनाही है। जब घोड़ा बग्घी वाले इलाके के दबंगों की बात नहीं मानते, तो इसी प्रकार मारपीट की जाती है। जबलपुर नाका चौकी प्रभारी आनंद अहिरवार ने बताया कि मामले की जांच हो रही है। जैसे तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बग्घी चलाने वाले युवक चौरई गांव में घटी इस घटना से काफी आहत हैं।