दमोह जिले में जबेरा ब्लॉक के राजघाट कुलुआ दिनारी मार्ग पर बिजली ठेकेदार के द्वारा बिना अनुमति कई फलदार पेड़ काट दिए गए। बिजली लाइन बिछाने के लिए यह पेड़ काटे गए हैं, लेकिन किसी की अनुमति नहीं ली गई। अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। पर्यावरण को बचाने के लिए जहां एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधे लगाए जा रहे हैं। वहीं, बगैर अनुमति के सड़क किनारे किनारे लगे हरे भरे फलदार पेड़ों की कटाई हो रही है।
बता दें कि यह काम बिजली लाइन डालने के लिए राजघाट कुलुआ दिनारी मार्ग पर किया जा रहा है। जबेरा तहसील के राजघाट से हनुमत खेड़ा गांव तक बिजली लाइन विस्तारीकरण का काम चल रहा है। इस मार्ग पर सड़क किनारे आम, जामुन, नीम, बामूरा, बबुल सहित अन्य हरे भरे पेड़ों की ठेकेदार कटाई की गई। जबकि इनको काटने के लिए राजस्व विभाग से न तो कोई अनुमति ली गई और न इसकी कोई जानकारी दी गई थी। नोहटा नायब तहसीलदार राजेश साहू को हरे भरे पेड़ की कटाई की जानकारी एक सप्ताह पूर्व में दी गई तो मौके पर पटवारी को भेज कर जांच करवाने की बात कही गई। लेकिन इस दौरान भी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई बदस्तूर जारी रही।
रज्जू सिंह लोधी हनुमत खेड़ा ने बताया, राजघाट कुलुआ दिनारी मार्ग पर किनारे लगे सैकड़ों पेड़ों की कटाई बिजली लाइन विस्तारीकरण के नाम पर ठेकेदार के द्वारा की गई है, जिसमें फलदार दर्जनों पेड़ जड़ से काट दिए गए हैं। ठेकेदार पेड़ों की डाले छाटने की बजाए पूरे पेड़ों को कटवाने में जुटा है। जब पेड़ों की कटाई के मामले में नोहटा नायब तहसीलदार राजेश साहू से बात की गई तो उन्होंने बताया उनके पास पेड़ों की डाल छटाई व पेड़ों को काटने की अनुमति के लिए कोई प्रार्थना पत्र नहीं आया। पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने पर इसकी जांच के लिए पटवारी को भेजकर जांच प्रतिवेदन देने को कहा था। लेकिन अभी तक जांच प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
हल्का पटवारी विपुल श्रीवास्तव का कहना है कि मैंने अपने हल्का में करीब 15 से अधिक पेड़ों के काटने की जानकारी नायब तहसीलदार को दे दी है, बाकी पेड़ दूसरे हल्के में कटे हैं। जब पेड़ों की कटाई का जांच प्रतिवेदन पटवारी के द्वारा नायब तहसीलदार को दे दिया गया है तो फिर भी ठेकेदार पर न तो अभी तक कार्रवाई की गई और न ही पेड़ों की कटाई रुकी है।