महानगरों के साथ-साथ मप्र के दमोह जिले में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की तादाद बढ़ी है। जिसे देखते हुए अब शहर में ई-चार्जिंग स्टेशन खुलने जा रहा है। इसके लिए बिजली वितरण कंपनी में थ्री-फेज कनेक्शन के लिए आवेदन भी किया गया है। कंपनी कनेक्शन देने से पहले लोकेशन की जांच कर रही है। इससे पहले कंपनी ने ई-रिक्शा संचालित करने वालों के लिए अलग से कनेक्शन लेने की मुहिम चलाई थी। जिन घरों में ई-रिक्शा चार्ज होते पाए गए, उनके घरेलू कनेक्शन को कमर्शियल किया जा रहा है।
एक बैटरी को चार्ज करने में लगेंगे 5 घंटे
बिजली वितरण कंपनी के किल्लाई नाका सब स्टेशन में पदस्थ एई राजेश कुमार दुबे ने बताया कि एक फर्म ने आवेदन किया है, जिसे ई-चार्जिंग स्टेशन के लिए कनेक्शन लेना है। यह कनेक्शन एसपीएम नगर क्षेत्र में दिया जाना है। फिलहाल, आवेदन और मौके पर वेरीफिकेशन किया जा रहा है, जिसके बाद कनेक्शन दिया जाएगा। आवेदन करने वाली एजेंसी दो पहिया, ई-रिक्शा और ई-कार चार्ज करेगी। इसमें दो तरह की सेवाएं शामिल है- स्पॉट पर चार्जिंग पॉइंट और बैटरी बदलने की सुविधा। एक बैटरी को चार्ज होने में 4 से 5 घंटे का समय लगेगा। यदि, किसी को जल्दी जाना है, तो वह अपनी बैटरी छोड़कर दूसरी बैटरी ले सकता है। फिलहाल कनेक्शन देने की प्रक्रिया जारी है और ईवी पब्लिक चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए जगहों का चयन किया जा रहा है।
ई-रिक्शा संचालित करने वालों के लिए अलग कनेक्शन जरूरी
एई राजेश कुमार दुबे ने बताया कि अब ई-रिक्शा संचालित करने वालों के लिए भी अलग से कनेक्शन लेना होगा। इस प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है। जो भी कार और ई-रिक्शा संचालित कर रहे हैं, उनकी जांच की जा रही है। यदि, चार्जिंग के दौरान वाहन पाया जाता है, तो तुरंत घरेलू कनेक्शन को कमर्शियल में बदला जा रहा है।
यह सुविधा मिलेगी
ऑटोमोबाइल डीलर बृजेंद्र राठौर ने बताया कि एक तरफ जहां हर शहर में ई-रिक्शा चलने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा आसान हो गई है, वहीं लोग स्कूटी के अलावा ई-बाइक्स भी लेने लगे हैं। तेजी से बढ़ रहे ई-वाहनों की संख्या के चलते शहर में ई-चार्जिंग सेंटर्स होना बेहद जरूरी है।