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Damoh News: चलती बस से गिरे कंडक्टर की मौत, मजदूरों को लेकर बिहार जा रही थी बस

Thu, 24 Oct 2024 08:29 AM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

बस में सवार मजदूर भूख से इधर-उधर भटक रहे थे, जिन्हें कलेक्टर के सहयोग से भोजन उपलब्ध कराया गया। जिसके बाद सभी को बिहार के लिए रवाना किया गया।
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मृतक कंडक्टर और भोजन करते मजदूर
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विस्तार
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दमोह जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत आनू फाटक के समीप बिहार जा रही एक यात्री बस के कंडक्टर की गिरने से मौत हो गई। हादसे के बाद कंडक्टर को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव का बुधवार सुबह पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान बस में सवार मजदूर भूख से इधर-उधर भटक रहे थे, जिन्हें कलेक्टर के सहयोग से भोजन उपलब्ध कराया गया और फिर बुधवार दोपहर उन्हें बिहार के लिए रवाना किया गया।

जानकारी के अनुसार, गुजरात से बिहार मजदूरों को लेकर जा रही स्लीपर बस (क्रमांक एआर 01 एस 9905) बुधवार सुबह दमोह के हिंडोरिया थाना अंतर्गत गुंजी तिराहा और आनू फाटक के पास पहुंची। इसी दौरान, बस के गेट पर खड़ा कंडक्टर किशन (पिता अतुल भाई जयसवाल, उम्र 32, निवासी जैतपुर, जिला राजकोट, गुजरात) अचानक नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। गंभीर हालत में बस चालक ने कंडक्टर को बस में लिटाकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को जिला अस्पताल के शवगृह में रखा गया और बस में सवार मजदूर इधर-उधर घूमने लगे।

बुधवार सुबह कंडक्टर का पोस्टमार्टम किया जाना था। पोस्टमार्टम में देरी होने के कारण बस में सवार मजदूर भूखे होकर कोतवाली के पास घूमने लगे। इसकी सूचना समाजसेवियों ने कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को दी। कलेक्टर ने तुरंत मजदूरों के लिए भोजन का प्रबंध करने के निर्देश दिए। इसके बाद, सभी मजदूरों को रानी दमयंती संग्रहालय परिसर में बैठाकर भोजन कराया गया और फिर बस को बिहार के लिए रवाना किया गया। वहीं, कंडक्टर के शव को एंबुलेंस से गुजरात भेजा गया। भोजन का प्रबंध करने में मोंटी रैकवार, पुरातत्व विभाग से सुरेंद्र चौरसिया, और पुलिस विभाग से केके द्विवेदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

 

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