दमोह में गोकशी की घटनाएं नहीं थम रही है। सोमवार रात फिर इसी प्रकार की घटना सामने आई, जब कसाइयों के द्वारा तीन लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे गुस्साए हिंदू संगठनों के लोगों ने दमोह-जबलपुर हाइवे पर जाम लगा दिया। उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद यह जाम हटाया गया।
आए दिन हिंदू संगठन ये आरोप लगाते हैं कि दमोह में बड़े पैमाने पर गौ हत्या की जा रही है। पुलिस, प्रशासन पर भी मिली भगत के आरोप लगे हैं, लेकिन अब मामला गंभीर होता जा रहा है। गोकशी करने वाले आरोपियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वह आम लोगों पर हमलावर हो गए हैं। सोमवार रात पुलिस के द्वारा गोवंश से भरे एक कंटेनर को पकड़ने के बाद करीब दो दर्जन से अधिक कसाइयों ने शहर के बाइपास से लगे राजनगर चौराहे के पास खड़े लोगों पर हमला शुरू कर दिया।
जिला अस्पताल पहुंचे घायल धनु पटेल, राजू पटेल और शिव यादव ने बताया कि वाहनों पर सवार लोग उनके पास पहुंचे। उनके हाथ में कई तरह के हथियार थे। आते ही उन्होंने हम पर हमला किया। वह कह रहे थे कि तुम लोग बजरंग दल से जुड़े हो और तुम लोगों ने ही पुलिस को सूचना देकर हमारे मवेशी पकड़वाए हैं। घायलों ने बताया कि हम भागने में कामयाब नहीं होते तो आरोपी हमारी हत्या कर सकते थे। आरोपियों ने काफी देर तक क्षेत्र में हंगामा किया गया है। इस बात की सूचना जब हिंदू संगठन से जुड़े लोगों को मिली तो वह घटनास्थल पहुंचे।
हिंदू संगठन से जुड़े अंजू खत्री ने बताया कि संगठन के कुछ लोग मौके पर पहुंचे थे। लेकिन वहां कसाइयों ने उन पर भी हमला किया और इसलिए वह अपने वाहन छोड़कर भागे। पुलिस तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार नहीं थी। इसलिए हम सभी लोग जबलपुर नाका पहुंचे और जाम लगा दिया। बाद में पुलिस अधिकारियों ने पहुंचकर उचित कार्रवाई का शासन दिया, इसलिए हमने जाम समाप्त कर दिया है।
संगठन के लोगों का यह भी कहना है कि यदि शीघ्र ही कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो हिंदू संगठन से जुड़े लोग मजबूरी में उग्र आंदोलन करेंगे। एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा का कहना है, आरोपियों के खिलाफ एफआईआर की जा रही है। पशुओं से भरा कंटेनर जब्त कर लिया गया है। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।