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Damoh Digital Arrest: पुलिस की कॉल से घबराई महिला, खुद को कमरे में किया बंद, पड़ोसी की तत्परता से बची ठगी

Sat, 04 Jan 2025 06:18 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

दमोह के देहात थाना क्षेत्र में ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए एक महिला को ठगी का निशाना बनाने का प्रयास किया। व्हाट्सएप कॉल और नकली पुलिस अधिकारी बनकर महिला को डराया गया और उसके दस्तावेज मांगे गए। महिला ने खुद को कमरे में बंद कर लिया, लेकिन परिजनों ने समय रहते साइबर सेल टीम के सदस्य राकेश अठ्या को सूचित किया।
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ठगी का शिकार होने से बची महिला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देहात थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह फिर एक डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया। इस बार ठगों ने आम चोपरा क्षेत्र में रहने वाली एक पढ़ी-लिखी महिला को अपना निशाना बनाने का प्रयास किया, लेकिन दमोह की साइबर सेल टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर ठगों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। महिला ने जैसे ही खुद को कमरे में बंद किया और दरवाजा खोलने से मन किया। परिजनों को गड़बड़ी का आभास हो गया और उन्होंने साइबर सेल टीम में पदस्थ अपने पड़ोसी राकेश अठ्या को फोन पर सूचना दे दी। साइबर सेल में पदस्थ राकेश अठ्या तत्काल ही टीम के साथ महिला घर पहुंच गए और महिला को ठगी का शिकार होने से बचा लिया।
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पहचान उजागर न करने की शर्त पर महिला ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे मुझे एक व्हाट्सएप कॉल आया और मुझसे कहा गया कि मेरा मोबाइल नंबर अनैतिक गतिविधियों में शामिल है। उन्होंने कहा मेरे खिलाफ हैदराबाद में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है। उसके बाद मुझे वीडियो कॉल आया, जिसमें पुलिस अधिकारी के साथ कई पुलिसकर्मी दिखाई दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जब तक जांच चल रही है मैं किसी से बात नहीं कर सकती। मुझे एक कमरे में बंद रहने के लिए कहा गया। डर के मारे मैंने अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद मुझसे पैन कार्ड, आधार कार्ड जैसे आईडी वाले दस्तावेज मांगे गए, जो मैंने उन ठगों को व्हाट्सएप कर दिए। इसी दौरान मेरे परिवार के लोगों ने समझ लिया कि मैं किसी ठगी का शिकार हो रही हूं, तो उन्होंने पड़ोस में रहने वाले साइबर सेल में पदस्थ राकेश को फोन लगा दिया और उन्होंने आकर मुझे ठगी का शिकार होने से बचा लिया। उन्होंने बताया कि मेरे साथ फ्रॉड हो रहा है। बात करने वाले लोग नकली हैं। मुझे पड़ोसी राकेश की बात पर भरोसा हुआ और फिर मैंने फोन काट दिया। यदि साइबर टीम के सदस्य मुझे भरोसा नहीं दिलाते तो शायद मेरे साथ भी ठगी हो जाती।

राकेश अठ्या ने बताया कि दमोह पुलिस लगातार लोगों को डिजिटल अरेस्ट और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले फ्रॉड से बचने के लिए जागरूक कर रही है, लेकिन इसके बाद भी लोग शिकार हो रहे हैं। करीब 15 दिन पहले जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में पदस्थ एक लैब टेक्नीशियन को भी ठगों ने अपना शिकार बनाने का प्रयास किया था और डिजिटल अरेस्ट कर दो लाख रुपये की मांग की थी। उस समय भी साइबर टीम ने अपनी तत्परता दिखाते हुए लैब टेक्नीशियन को ठगने से बच्चा लिया था। महिला के डिजिटल अरेस्ट की खबर मिलते ही हमने तत्काल अपने एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी को मामले की सूचना दी। उनके निर्देश पर हम तत्काल मौके पर पहुंचे और ठग पैसों की डिमांड कर पाते उसके पहले महिला को ठगी का शिकार होने से बचा लिया।
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