दमोह में मतदान की गोपनीयता भंग करने के मामले में कार्रवाई जारी है। तीन दिन बाद फिर कलेक्टर ने एक कर्मचारी को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। अब तक छह लोगों पर गाज गिर चुकी है।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने पीठासीन अधिकारी सहायक शिक्षक प्रदीप बिलथरे को सोशल मीडिया पर मतदान गोपनीयता उजागर होने के मामले में निलंबित कर दिया है। तीन दिन पूर्व भी एक पीठासीन अधिकारी कोदू सिंह को इसी आरोप के चलते निलंबित किया गया था। तीन दिन में कलेक्टर की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है और इस तरह लापरवाही करने वाले करीब 6 कर्मचारी निलंबित हो चुके हैं।
बता दें कि 26 अप्रैल को हुए दमोह लोकसभा चुनाव मतदान के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया था। उसके बावजूद मतदान केंद्र पर कुछ लोग जिम्मेदार अधिकारियों की नजरे बचा कर मोबाइल ले जाने में सफल रहे थे। वहीं इनमें से कुछ लोगों द्वारा अपनी मतदान की मोबाइल पर रिकॉर्डिंग करने के बाद उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। ऐसे मामले कलेक्टर सुधीर कोचर ने जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की है।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुधीर कुमार कोचर ने मतदान केन्द्र क्रमांक 183 हिनौती सर्रा तहसील तेंदूखेड़ा में मतदान के दौरान नियुक्त पीठासीन अधिकारी एवं सहायक शिक्षक माध्यमिक शाला आंकखेडा संकुल केन्द्र मुडिया प्रदीप विल्थरे को लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया हैं। ज्ञात हो सहायक रिटर्निंग ऑफिसर लोकसभा निर्वाचन 2024 विधानसभा क्षेत्र जबेरा के प्रतिवेदन आधार पर मतदान दिवस को वीडियो वायरल होने की घटना संज्ञान में आने के आरोप में उक्त कार्रवाई की गई है। निलंबन की अवधि में बिल्थरे का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय दमोह निर्धारित किया गया है एवं निलंबन अवधि में इनको नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।