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Damoh News: जंगल में पानी के लिए नहीं भटकेंगे जानवर, वन विभाग ने जलस्रोतों में भरवाया पानी

सार

दमोह में वन विभाग ने जंगलों में मौजूद जलस्रोतों को पानी से भर दिया है। इससे गर्मी में फिलहाल तो जानवरों को पानी के लिए नहीं भटकना पड़ेगा।  
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टैंकर से भरवाया जा रहा पानी
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विस्तार
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दमोह जिले के तेंदूखेड़ा के जंगल में पानी के जलस्रोत सूखने के बाद यहां रहने वाले जंगली जानवर पानी के लिए दर-दर भटक रहे थे। अब उन्हें पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। डीएफओ के निर्देश पर सभी रेंजरों ने सोंसरों में टैंकरों से पानी भरवा दिया है ताकि जंगली जानवर यहां आसानी से पानी पी सकें।

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तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र में 20 से अधिक बीट है। इसका काफ़ी क्षेत्र रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चला गया है। अभी क्षेत्र हैंडओवर नहीं हुआ है। इस वजह से यह पूरा क्षेत्र तेंदूखेड़ा रेंज के अधीन है। वर्तमान में ऐसी कोई बीट नहीं है, जिसमें किसी न किसी प्रजाति का जानवर न रहता हो। इन जानवरों के लिए जंगलों में जल संकट की स्थिति बनने लगी थी। जितने भी प्राकृतिक जल स्रोत हैं वह सभी गर्मी के कारण सूख गए हैं। जानवर पानी के लिए धूप में इधर से उधर भटक रहे हैं जो राहगीरों को भी दिखाई देते हैं। अब डीएफओ ने उन्हीं बीटों में बने पुराने जल स्रोतों में रविवार से पानी भरवाने का कार्य शुरू कर दिया है। इस वजह से अब यहां निवास करने वाले जंगली जानवर और मवेशियों के लिए पानी के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।

तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र की बगदरी सर्किल में रविवार के दिन जो पुराने सोंसर बनाए गे थे। इनमें टैंकरों से पानी भरवाया गया। इसकी जानकारी देते हुए सर्किल आफिसर गणेश श्रीवास्तव ने बताया कि दमोह डीएफओ के निर्देश मिलने के बाद केवलारी बीट के आरएफ 174 में बने सोंसर में टेंकर से पानी भरवाया गया है। उसके बाद बगदरी में बनाए गए सोंसर में पानी भरवाया जाएगा। भी जो वन विभाग द्वारा जल स्रोत बनाए गए हैं, वहां भी टेंकरों से पानी भरवाया जा रहा है।
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गर्मी शुरू होते ही जंगलों में हरे-भरे पेड़ पतझड़ में बदल जाते है। साथ ही जंगलों में रहवासी क्षेत्र की अपेक्षा ज्यादा गर्मी पड़ती है। जो नदिया हैं वहां भी पानी खत्म हो गया है। ऐसी स्थति में जगंलों मे रहने वाले जानवरों की स्थिति काफी खराब बनी हुई थी। न उन्हें भोजन मिल रहा है न पीने के लिए पानी। अब इस समस्या का निराकरण हो गया है।
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