कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक महिला ने सरकारी जमीन पर पट्टे की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। वह जमीन पर लेटकर काफी देर तक प्रदर्शन करती रहीं, जिसके बाद कलेक्टर सुधीर कोचर स्वयं बाहर आए और महिला को उचित आश्वासन दिया।
30 वर्षों से रह रही हैं सरकारी जमीन पर
हटा ब्लॉक के नवोदय वार्ड निवासी राधा विश्वकर्मा ने बताया कि वह पिछले 30 वर्षों से सरकारी जमीन पर रह रही हैं। 2009 में पति के छोड़कर जाने के बाद से वह वहीं चाय की दुकान चलाकर अपने दो बेटों का पालन-पोषण कर रही हैं, जिनमें से एक बेटा दिव्यांग है। पिछले 10 वर्षों से वह इस जमीन का पट्टा पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से थी चिंता
जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि फिलहाल उन्हें वहां से नहीं हटाया जाएगा। राधा को चिंता थी कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई, तो वह अपने बच्चों के साथ कहां जाएंगी और जीविका कैसे चलाएंगी।
पीएम आवास योजना के तहत मिला समाधान
कलेक्टर सुधीर कोचर ने महिला से बातचीत कर स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर कब्जे के कारण उन्हें सीधे तौर पर पट्टा नहीं दिया जा सकता। हालांकि, उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (पार्ट-2) के तहत आवेदन करने का सुझाव दिया। मौके पर ही नगर पालिका कर्मचारियों को बुलाकर महिला का आवेदन भरवाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर के आश्वासन के बाद महिला संतुष्ट होकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए अधिकारियों के साथ चली गईं।
197 आवेदनों पर हुई सुनवाई
मंगलवार को आयोजित सामूहिक जनसुनवाई में जिलेभर से आए नागरिकों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। इस दौरान कुल 197 आवेदनों पर सुनवाई कर संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों में
- 32 आधार कार्ड अपडेट कराने
- 04 आयुष्मान कार्ड बनाने,
- पीएम किसान सम्मान निधि के 08 आवेदन,
- 140 लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण से संबंधित आवेदन शामिल थे।
- इस दौरान संयुक्त कलेक्टर अविनाश रावत, लोकसेवा प्रबंधक चक्रेश पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।