बच्चे ने बताया कि वह छात्रावास में रहकर कक्षा चौथी की पढ़ाई कर रहा है। लोगों से कुंभ की चर्चा सुनकर उसे भी वहां जाने की इच्छा हुई। बिना किसी को बताए ट्रेन बदलकर यात्रा करता रहा और दमोह पहुंच गया, जहां किसी ने उसे उतार दिया।
दमोह रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह एक 12 वर्षीय बच्चा पुलिस को मिला, जो प्रयागराज महाकुंभ जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन गलत ट्रेन में सवार होकर दमोह पहुंच गया।
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दरअसल, उमरिया जिले के एक 12 वर्षीय आदिवासी बालक महाकुंभ देखने की इच्छा उसे घर से दूर ले आई। बच्चा पुलिस को बताया कि वह पांच दिन पहले महज 150 रुपए लेकर बिना किसी को बताए घर से निकला और ट्रेन में बैठ गया। प्रयागराज जाने की सही जानकारी न होने के कारण वह लगातार ट्रेन बदलता रहा और अंततः दमोह पहुंच गया, जहां किसी ने उसे ट्रेन से उतार दिया। अब उसके पास मात्र 50 रुपए बचे हैं।
बच्चा उमरिया के एक छात्रावास में रहकर कक्षा चौथी की पढ़ाई कर रहा है। उसने बताया कि कुंभ की चर्चा सुनकर वहां जाने की इच्छा हुई थी, लेकिन अब वह परिजनों के पास लौटना चाहता है और भविष्य में बिना बताए कहीं नहीं जाएगा।
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पुलिस ने शुरू की परिजनों की तलाश
सीएसपी अभिषेक तिवारी ने बताया कि बच्चे के पिता अमर सिंह आदिवासी का मोबाइल नंबर बंद आ रहा है। पुलिस साइबर सेल और उमरिया पुलिस की मदद से परिजनों की तलाश कर रही है। राजू के माता-पिता मजदूरी करके जीवनयापन करते हैं। फिलहाल पुलिस नियमानुसार बच्चे की देखभाल कर रही है और जल्द ही उसे परिवार से मिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
महाकुंभ के चलते यात्रियों की भीड़, वाहन संचालकों की चांदी
प्रयागराज महाकुंभ के चलते लोग ट्रेन और निजी वाहनों से बड़ी संख्या में यात्रा कर रहे हैं। बस और चार पहिया वाहनों की मांग इतनी बढ़ गई है कि वाहन संचालकों को अतिरिक्त ड्राइवर रखने पड़ रहे हैं। टूर एंड ट्रेवल्स व्यवसाय से जुड़े अरविंद ने बताया कि उनके पास इतनी अधिक बुकिंग आ रही है कि सुबह प्रयागराज से लौटने वाला वाहन शाम को फिर से रवाना हो जाता है।