इमराज सिंह गोंड ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पुलिस में जो आवेदन दिया है उसमें बताया की सभी मजदूर बोरगांव तहसील अक्काकोट जिला सोलापुर महाराष्ट्र में गन्ना कटाई की मजदूरी करने के लिए गए थे। बंधक बनाए गए मजदूरों के परिजनों का आरोप है कि नरेश पुरी गोस्वामी निवासी सुनबारह के द्वारा सभी 40 मजदूरों को ठेकेदार रियाज खान के यहां गन्ना कटाई के लिए छोड़कर आया था। जिसमें से 5 मजदूर अपनी जान बचाकर भाग निकले, लेकिन शेष मजदूर अभी भी बंधक है।
करीब ढाई महीने से मजदूरों को ठेकेदार के द्वारा बंधक बनाकर रखा गया है ना उन्हें उनकी मजदूरी का रुपया दिया जा रहा है और ना ही घर आने दिया जा रहा है। जिससे उनके परिजन गांव बडेरा में परेशान है। जिस व्यक्ति के यहां वो गन्ना कटाई करने के लिए गए हुए हैं, वह बंधुआ मजदूरी करवाकर लगातार परेशान कर रहा है। सभी मजदूरों के परिजन सरपंच अजय चौधरी के साथ जबेरा थाने पहुंचे और मामले की शिकायत की है। प्रशासन से इस मामले में गुहार भी लगाई गई है कि उनके परिजन जो महाराष्ट्र बंधक बना लिए गए हैं उनको मुक्त कराया जाए।
यह मजदूर बनाए गए बंधक
जिन मजदूरों को महाराष्ट्र में बंधक बनाने की बात कही जा रही है। उनमें दशरथ यादव, रज्जी बाई, राजेश पुरी, मालती पुरी, अनीता सींग, राजेन्द्र यादव, संतोष सींग गौड़, सीतारानी, आरती, बबली, नीलेश पिता रघुवर सींग, मोनू सिंह, सावित्री सींग गौड, अशोक यादव, ललीता यादव, विनोद यादव, मीना सींग गौड़, रीना गौड, रवेंद्र यादव, प्रेम सीग, चन्नू सींग गोड, अंजना सींग गौड़, राजकुमारी, जालम सींग, रामरती, नितिन यादव सहित अन्य लोग हैं जो बंधक बनाए गए हैं।