दमोह जिले के खराब रास्ते की वजह से बच्चे को समय पर उपचार नहीं मिल सका, जिससे उसकी मौत हो गई। दरअसल बच्चे को सांप ने डस लिया था। परिवार के लोग मासूम को कंधे पर लादकर सात किलोमीटर तक पैदल चले। दूसरे गांव पहुंचकर परिचित से बाइक मांगी और उससे मासूम को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकित तब तक काफी देर हो चुकी थी।
मध्य प्रदेश के दमोह में नौ वर्षीय बच्चे ने दम तोड़ दिया, कारण था कि समय पर अस्पताल जाने के लिए संसाधन नहीं मिल सके। बच्चे को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजन कंधे पर रखकर सात किमी पैदल चले। जब तक वे अस्पताल पहुंचते बच्चा दम तोड़ चुका था।
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ये मार्मिक दृश्य दमोह जिले के पटेरा ब्लॉक के जमुनिया जरेगांव का है। ग्रामीण राजेश यादव ने बताया उसके पड़ोसी का बेटा शुभम पाल घर के पास खेल रहा था। तभी उसे सांप ने डस लिया। गांव में कोई साधन नहीं है और ना ही ठीक से रास्ता है। परिवार के लोग मासूम को कंधे पर लादकर दूसरे गांव पहुंचे, जहां उसने अपने एक परिचित से बाइक मांगी और उस बाइक से मासूम को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकित तब तक काफी देर हो चुकी थी।
जिला अस्पताल में पदस्थ ड्यूटी डॉक्टर विकास तिवारी ने बताया परिजन मासूम को अस्पताल लेकर आए थे। उसे सांप ने डस लिया था, लेकिन अस्पताल पहुंचने के पहले ही उसने दम तोड़ दिया है। शनिवार को शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि इस गांव में कोई मुख्य मार्ग नहीं है। संकरे रास्तों से पैदल चलते हुए परिजन मासूम को लेकर पास के गांव पहुंचे। वहां गिड़गिड़ाकर बाइक की व्यवस्था की, फिर मासूम को जिला अस्पताल लाया गया।