दमोह के तेंदूखेड़ा में छात्र से कथित मारपीट का मामला अब बेहद संवेदनशील और हाईप्रोफाइल बन गया है। भोपाल एम्स में जिंदगी और मौत से जूझ रहे नौ वर्षीय काव्य नामदेव ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार और समाज में आक्रोश फैल गया। बीती रात परिजन काव्य का शव लेकर सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए और न्याय की मांग को लेकर वहीं धरने पर बैठ गए। एसपी ऑफिस के बाहर देर रात तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।
बच्चे के हाथ-पैरों में डंडों से बेरहमी से मारपीट की थी
मृतक काव्य, दामोदर नामदेव का बेटा था और तेंदूखेड़ा स्थित आईईएस पब्लिक स्कूल में कक्षा तीसरी का छात्र था। परिजनों का आरोप है कि 19 फरवरी को स्कूल की शिक्षिका देवेंद्री ठाकुर ने कॉपी सही तरीके से नहीं लिखने पर बच्चे के हाथ-पैरों में डंडों से बेरहमी से मारपीट की थी। घर पहुंचने पर काव्य ने रोते हुए मां से कहा था, “मम्मी... मैडम ने बहुत मारा।” परिजनों के अनुसार बच्चे के शरीर पर चोट के निशान भी दिखाई दिए थे।
शिकायत के बाद भी नहीं हुई सख्त कार्रवाई
परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान वे लगातार पुलिस और प्रशासन के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिली। उनका आरोप है कि तेंदूखेड़ा थाने में एफआईआर तो दर्ज की गई, लेकिन शिकायत के अनुरूप गंभीर धाराएं नहीं लगाई गईं।
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शव लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे परिजन
बच्चे की मौत के बाद गुस्साए परिजन देर रात शव लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए और एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही शनिवार सुबह कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से चर्चा कर वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अब एसआईटी के माध्यम से कराई जाएगी। साथ ही डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
स्कूल संचालक ने दी सफाई
अब पूरे जिले की नजर एसआईटी जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है। मामला केवल एक बच्चे की मौत का नहीं, बल्कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।