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MP: कॉपी सही नहीं लिखने पर छात्र काव्य की टीचर ने की बेरहमी से पिटाई, इलाज के दौरान भोपाल एम्स में हुई मौत

Sat, 16 May 2026 05:02 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

दमोह के तेंदूखेड़ा में स्कूल छात्र काव्य नामदेव की मौत के बाद मामला गरमा गया है। परिजनों ने शिक्षिका पर बेरहमी से मारपीट का आरोप लगाया है। मासूम की मौत के बाद परिवार शव लेकर एसपी ऑफिस पहुंच गया और एसआईटी जांच की मांग की। पढ़ें पूरी खबर
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मासूम काव्य की मौत पर फूटा परिवार का दर्द, आधी रात शव लेकर न्याय मांगने पहुंचे परिजन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दमोह के तेंदूखेड़ा में छात्र से कथित मारपीट का मामला अब बेहद संवेदनशील और हाईप्रोफाइल बन गया है। भोपाल एम्स में जिंदगी और मौत से जूझ रहे नौ वर्षीय काव्य नामदेव ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार और समाज में आक्रोश फैल गया। बीती रात परिजन काव्य का शव लेकर सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए और न्याय की मांग को लेकर वहीं धरने पर बैठ गए। एसपी ऑफिस के बाहर देर रात तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।

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बच्चे के हाथ-पैरों में डंडों से बेरहमी से मारपीट की थी
मृतक काव्य, दामोदर नामदेव का बेटा था और तेंदूखेड़ा स्थित आईईएस पब्लिक स्कूल में कक्षा तीसरी का छात्र था। परिजनों का आरोप है कि 19 फरवरी को स्कूल की शिक्षिका देवेंद्री ठाकुर ने कॉपी सही तरीके से नहीं लिखने पर बच्चे के हाथ-पैरों में डंडों से बेरहमी से मारपीट की थी। घर पहुंचने पर काव्य ने रोते हुए मां से कहा था, “मम्मी... मैडम ने बहुत मारा।” परिजनों के अनुसार बच्चे के शरीर पर चोट के निशान भी दिखाई दिए थे।

शिकायत के बाद भी नहीं हुई सख्त कार्रवाई

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परिवार का आरोप है कि अगले दिन स्कूल पहुंचकर शिकायत करने के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके बाद काव्य की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। पहले उसे तेंदूखेड़ा अस्पताल ले जाया गया, फिर गंभीर हालत में जबलपुर के चिरायु अस्पताल रेफर किया गया। वहां सुधार नहीं होने पर उसे अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह करीब 12 दिन तक बेहोशी की हालत में रहा। बाद में 10 मार्च को उसे भोपाल एम्स में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान वे लगातार पुलिस और प्रशासन के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिली। उनका आरोप है कि तेंदूखेड़ा थाने में एफआईआर तो दर्ज की गई, लेकिन शिकायत के अनुरूप गंभीर धाराएं नहीं लगाई गईं।

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शव लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे परिजन
बच्चे की मौत के बाद गुस्साए परिजन देर रात शव लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए और एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही शनिवार सुबह कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से चर्चा कर वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अब एसआईटी के माध्यम से कराई जाएगी। साथ ही डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

स्कूल संचालक ने दी सफाई

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इधर, आईईएस पब्लिक स्कूल के संचालक विक्रम सिंह ने कहा कि आरोपी शिक्षिका को घटना के तुरंत बाद स्कूल से हटा दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि स्कूल प्रबंधन लगातार परिवार के संपर्क में था और आर्थिक सहायता भी दी गई। हालांकि उन्होंने गंभीर मारपीट के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि छात्र पहले से मिर्गी और मानसिक दौरे जैसी बीमारी से पीड़ित था।

अब पूरे जिले की नजर एसआईटी जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है। मामला केवल एक बच्चे की मौत का नहीं, बल्कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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