रेप के आरोपी का पुतला जलाने के लिए दो गुट आमने सामने थे।
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मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा में हुए नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में दो अलग-अलग गुटों ने विरोध प्रदर्शन किया। दोनों गुटों आरोपी का विरोध कर रहे थे, पर जातिगत टिप्पणी को लेकर दोनों गुटों में शक्ति प्रदर्शन चल रहा था।
बता दें कि दमोह के अस्पताल चौराहे पर हिंदूवादी संगठन के सदस्यों ने भारत माता की आरती की थी, इसी स्थान पर जिला पंचायत सदस्य दृगपाल सिंह लोधी को आरोपी का पुतला दहन करना था, लेकिन अनुमति नहीं मिल सकी। पुलिस ने लोधी गुट को तहसील ग्राउंड में रोक लिया। हिंदूवादी संगठन को भी पुलिस ने वहीं रोक लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। जिला पंचायत सदस्य दृगपाल ने तहसील ग्राउंड में ही प्रशासन को अपना ज्ञापन सौंपा। करीब 4 घंटे के बवाल के बाद दोनों ही संगठन ने विरोध प्रदर्शन करने के बाद आंदोलन खत्म कर दिया। दोनों संगठन रेप के आरोपी का विरोध तो कर रहे थे, पर एक पक्ष द्वारा आरोपी की जाति के बारे में टिप्पणी करने पर दूसरा पक्ष उनके विरोध में उतर आया।
दरअसल आरोपी की जाति को लेकर ओबीसी संगठन से जुड़े कुछ लोगों ने ब्राह्मण समाज को लेकर विवादित बयान दिया था। इसमें दमोह जिले के अभाना से नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य दृगपाल लोधी भी शामिल हैं इन्होंने संत महात्माओं को भी अपशब्द कहे थे। इसके बाद सभी हिंदू संगठन एक हो गए। एसपी डी आर टेनीवार ने कहा की दोनों ही संगठनों ने बिना अनुमति आंदोलन किया है। इसलिए इस मामले की समीक्षा की जा रही है उसके बाद दोनों ही संगठनों पर करवाई की जाएगी।