कलेक्ट्रेट पहुंचीं महिला शिक्षिका।
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दमोह के गंगा जमुना स्कूल में जिन तीन महिला शिक्षकों ने अपना धर्म बदला था वह अब सामने आ गई हैं। उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना पक्ष रखा और प्रमाण दिए। उन्होंने कहा कि अपनी मर्जी से उन्होंने धर्म बदला था। स्कूल प्रबंधक का कोई दबाव उनके ऊपर नहीं था, क्योंकि वह जब बालिग हो गई थीं, तब अपनी मर्जी से उन्होंने धर्म बदलकर विवाह किया था।
2010 में किया था विवाह
गंगा जमुना स्कूल की प्राचार्य अफसा शेख ने कहा कि उन्होंने 2000 में प्रेम विवाह कर लिया था और अपना धर्म परिवर्तन कर लिया था, जबकि स्कूल 2010 में खुला है। इसलिए यह कैसे कहा जा सकता है कि स्कूल में आने के बाद उनका धर्म परिवर्तन हुआ। उन्होंने बताया कि धर्म बदलने के पहले उनका नाम दीप्ति श्रीवास्तव था और बालिग होने पर ही उन्होंने अपनी मर्जी से प्रेम विवाह किया था। धर्म बदलने के लिए स्कूल व प्रबंधन का कोई दबाव नहीं था। उन्होंने कहा कि अभी तक वह सामने इसलिए नहीं आई, क्योंकि इसकी जरूरत नहीं थी अब बेवजह के आरोप लग रहे हैं, इसलिए वह सामने आई हैं।
बालिक होने पर किया था विवाह
इसी तरह दूसरी शिक्षिका तबस्सुम खान ने बताया कि शादी के पहले उनका नाम प्राची जैन था और 27 जनवरी 2004 में उन्होंने विवाह किया था, क्योंकि वह उस समय बालिग हो गई थी और बालिग होने पर सभी को अधिकार है वह किस धर्म को अपनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधक हाजी इदरिश खान का धर्म बदलने के लिए कोई दबाव नहीं था। उनकी शादी दमोह में ही हुई थी और स्कूल का संचालन उसके बाद हुआ था। इसलिए स्कूल प्रबंधन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
करवा ली जाए कोई भी जांच
तीसरी शिक्षिका अनीता खान ने बताया कि उनका शादी के पहले का नाम अनीता यदुवंशी था और 2013 में उन्होंने विवाह किया था, जिसके सभी प्रमाण उनके पास हैं। स्कूल संचालक पर धर्म बदलने के झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2021 में उन्होंने स्कूल में ज्वाइन किया था और इंटरव्यू के आधार पर उनका सिलेक्शन हुआ था। कोई भी जांच करवा ली जाए वह सभी जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बाल समिति के सदस्य दीपक तिवारी ने स्कूल निरीक्षण के दौरान कहा था कि उन्होंने शिक्षकों से बात की थी, जबकि उन्होंने कोई बात नहीं की थी। नगर पालिका में भी उनका नाम अनीता खान ही लिखा है चाहे तो नगर पालिका से जानकारी ले सकते हैं। कलेक्टर मयंक अग्रवाल का कहना है की इस मामले की कोई भी शिकायत किसी भी शिक्षक ने नहीं की है। इसलिए बिना शिकायत के इसे जांच में नहीं लिया जा सकता।