दमोह शहर के गंगा जमना स्कूल में जबरदस्ती हिजाब पहनाने, नमाज पढ़ाने, धर्मांतरण मामले में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने दमोह कलेक्टर मयंक अग्रवाल को नोटिस जारी किया गया है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के निर्देश पर राज्य बाल संरक्षण आयोग की टीम द्वारा स्कूल का निरीक्षण किया गया था। जिस पर राज्य बाल संरक्षण आयोग द्वारा अनेक बिंदुओं पर जांच कराने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे, जिसके बाद समुचित जांच कार्रवाई की रिपोर्ट राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को भेजने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बाद भी जिला प्रशासन ने अब तक इस मामले की किसी भी प्रकार की जांच रिपोर्ट राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को प्रस्तुत नहीं की गई है। इस संबंध में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो द्वारा कलेक्टर मयंक अग्रवाल को नोटिस जारी करते हुए इस मामले की संपूर्ण जांच रिपोर्ट 10 जुलाई को लेकर स्वयं उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
नोटिस में इस बात का उल्लेख किया गया है कि गंगा जमना स्कूल के शिक्षकों द्वारा छात्रों को इस्लाम अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसमें हर समय अनिवार्य रूप से हिजाब पहनना, इस्लामी प्राथनाएं पढ़ना, उर्दू का उपयोग करना शामिल है। स्कूल की हिंदू छात्राओं को हिजाब पहनाने तथा विदेश से धन लेने में संलिप्तता का मामला सामने आया है। बाल संरक्षण आयोग द्वारा पुलिस अधीक्षक दमोह को भी दो जून को एक पत्र जारी किया था। आयोग द्वारा कलेक्टर को 10 जुलाई को तीन बजे तक संपूर्ण कार्रवाई विवरण के साथ आयोग के राष्ट्रीय कायार्लय दिल्ली में उपस्थिति के निर्देश दिए हैं।