भारी बारिश की वजह से प्रदेश के कई इलाके जलमग्न हैं।
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छिंदवाड़ा में बारिश जारी है। बीते साल के मुताबिक, अभी तक औसतन ज्यादा बारिश हो चुकी है। 1128 मिलीमीटर बारिश अभी तक दर्ज की जा चुकी है, जबकि छिंदवाड़ा में हर साल लगभग 1059 मिलीमीटर बारिश होती है। 30 सितंबर तक बारिश का समय माना जाता है। बारिश का समय खत्म होने में अभी समय है, लेकिन औसतन से ज्यादा बारिश होने से जीवन अस्त-वस्त है। किसानों की फसलों को भी नुकसान हुआ है।
सांसद ने किसानों को फसलों में हुए नुकसान की भरपाई कराने का दिया आश्वासन
बारिश की वजह से खराब हुई किसानों की फसलों के नुकसान की भरपाई कराने का आश्वासन दिया था। सांसद नकुल नाथ ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखने की बात कही है। बता दें कि, छिंदवाड़ा जिले में मक्के की फसल अधिक होती है। यहीं वजह कि छिंदवाड़ा को कॉर्न सिटी के नाम से जाना जाता है। तेज हवाओं और बारिश की वजह से खेत में लगी मक्का की फसल आड़ी-तिरछी हो गई है। नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को सरकार से मदद की दरकार है।
सेटेलाइट से कराएंगे प्रभावित फसल का सर्वे
सरकार की तरफ से किसानों के नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया गया है। जिले के प्रभारी मंत्री एवं कृषि मंत्री कमल पटेल ने किसानों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने जल्द ही सेटेलाइट सर्वे कराने की बात कही है।
बारिश से ढहे मकान
अधिक बारिश होने से हर्रई विकासखंड के साजवा गांव में दो मकान गिर गए। जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। गनीमत रही कि उस समय कोई मौजूद नहीं था। अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था। आगे का हिस्सा गिरने से एक बकरी की मौत हो गई। मकान में रखे सामान को नुकसान हुआ है।