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बोतल से पानी पीने पर दलित को पीटने का मामला: शिक्षक को पुलिस ने थमाया नोटिस, मानवाधिकार आयोग ने भी मांगा जवाब

Fri, 07 Aug 2026 08:13 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी

सार

शिवपुरी के उकावल गांव के सरकारी स्कूल में दलित छात्र से कथित मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी के मामले में शिक्षक के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेकर मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस से दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

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दलित बच्चे को पीटने का मामला दिल्ली तक पहुंच गया है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिवपुरी जिले के कोलारस से स्कूल में दलित छात्र के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। उकावल गांव के सरकारी प्राथमिक स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ने वाले 8 साल के बच्चे के साथ मारपीट और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप शिक्षक पर लगा है। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के साथ एससी/एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी शिक्षक को पुलिस ने नोटिस जारी किया है। वहीं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब की है। 
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बता दें, कि मामला 27 जुलाई का है। कोलारस तहसील के उकावल गांव स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में चौथी कक्षा में पढ़ने वाले 8 वर्षीय दलित छात्र के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया। परिजनों का आरोप है कि बच्चे को प्यास लगी थी... इसी दौरान उसने शिक्षक की पानी की बोतल से पानी पी लिया। इससे नाराज होकर शिक्षक ने डंडे से बच्चे की पिटाई कर दी।

परिजनों के मुताबिक घटना के बाद बच्चा रोते हुए घर पहुंचा और उसने स्कूल में हुई पूरी घटना की जानकारी परिवार को दी। इसके बाद परिजनों ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर लुकवासा चौकी पुलिस ने आरोपी शिक्षक लोकेश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एफआईआर में बीएनएस की संबंधित धाराओं के साथ एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कोलारस थाना प्रभारी पुनीत वाजपेई के मुताबिक आरोपी शिक्षक को नोटिस जारी किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही साफ होगा कि स्कूल में वास्तव में क्या हुआ था। वहीं, नाबालिग छात्र के साथ कथित मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी के आरोप ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों के आचरण पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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NHRC ने मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस से मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट में किए गए दावे सही हैं, तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है। आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में पीड़ित को कानून के तहत दी गई राहत और मामले में की गई कार्रवाई का विवरण भी शामिल करने को कहा गया है।
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