मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दबंगों की ज्यादती का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। खबर है कि बैरसिया तहसील के परसोरिया घाटखेड़ी गांव में दबंगों ने एक 70 वर्षीय दलित किसान को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। हैरानी की बात तो यह है कि इस दौरान किसान किशोरीलाल जाटव की पत्नी भी वहां मौजूद थी। वह चीखती रही, चिल्लाती रही लेकिन दबंगों ने उसकी एक ना सुनी। इस घटना में किसान 90 फीसदी तक जल गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
यह घटना गुरुवार सुबह की है। दरअसल किशोरीलाल जाटव को सरकार की ओर से पट्टे पर जमीन मिली थी, जिसमें वह खेती करके अपना और अपने परिवार का पेट पालता था। लेकिन गुरुवार की सुबह जब वह अपने खेत पर गया तो देखा कि तीरन, उसका बेटा प्रकाश, दो भतीजे संजू और बलबीर नामक दबंग उसके खेत को जबरदस्ती ट्रैक्टर से जोत रहे थे। इसके बाद उसने दबंगों को ऐसा करने से रोका और उनका विरोध किया। इसपर गुस्साए दबंगों ने उसका हाथ-पैर पकड़कर उसपर पेट्रोल छिड़ककर उसे जिंदा जला दिया।
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या, खेत पर कब्जे की कोशिश और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि शाम तक जब आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो गांव वालों ने इसका विरोध किया, जिससे इलाके में तनाव जैसी स्थिति पैदा हो गई। बाद में लोगों के जबरदस्त विरोध के आगे आखिरकार पुलिस को झुकना पड़ा और रात करीब 11.30 बजे चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।
मृतक किसान के बेटे कैलाश जाटव ने बताया कि 2002 में सरकार ने उन्हें परसोरिया जोड़ स्थित 3.5 एकड़ की जमीन पर पट्टा दिया था। तब से वह इस जमीन पर खेती करके अपने परिवार का पेट पाल रहे थे। लेकिन दबंगों ने जबरदस्ती खेत पर कब्जा करने के लिए किसान किशोरीलाल जाटव को ही जिंदा जला दिया। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने दबंगों से उनके पिता को छोड़ देने की गुहार भी लगाई, लेकिन उन्होंने उनकी एक ना सुनी।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
गांव में शाम तक तनाव जैसी स्थिति बनी रही। अस्पताल के बाहर भी भारी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और खूब हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। वहीं, सूचना मिलते ही एसपी हेमंत चौहान, एएसपी संजय साहू और तीन थानों के थानाध्यक्ष फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। इन सभी की मौजूदगी में ही दलित किसान किशोरी लाल का अंतिम संस्कार किया गया।