वर्चुअल दुनिया में इश्क का इजहार अब सीधे बैंक खातों पर वार कर रहा है। भोपाल में एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवक को डेटिंग ऐप पर मोहब्बत के जाल में फंसाकर 18 लाख की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस हाइटेक ठगी की साजिश के तार सीमा पार पाकिस्तान से संचालित एक संगठित साइबर नेटवर्क से जुड़े होने के मजबूत संकेत मिले हैं। फिलहाल कोतवाली थाना पुलिस ने इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश तेज कर दी है।
कोतवाली एसीपी संतोष कुमार पटेल के अनुसार, पीड़ित शुभम नामदेव मूल रूप से महाराष्ट्र के सांगली का रहने वाला है। वह वर्तमान में भोपाल के शंकराचार्य नगर बजरिया में रह रहा है। कुछ समय पहले शुभम की मुलाकात एक डेटिंग ऐप पर खुद को मुंबई की निवासी बताने वाली एक कथित युवती से हुई। धीरे-धीरे यह बातचीत दोस्ती से होते हुए गहरे प्रेम संबंधों में बदल गई। ठग ने बेहद शातिर तरीके से शुभम का भरोसा जीत लिया, ताकि वह उसकी किसी भी बात पर शक न करे।
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मुनाफे का मायाजाल और 18 लाख की ठगी
जब विश्वास पूरी तरह मजबूत हो गया, तो कथित युवती ने शुभम को कम समय में दोगुना मुनाफा कमाने का लालच देकर ऑनलाइन बिजनेस में निवेश करने की सलाह दी। आरोपी के कहने पर शुभम ने एक फर्जी वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाया और शुरुआती तौर पर 1.5 लाख का निवेश किया। ठगों ने चालाकी दिखाते हुए उस वेबसाइट के डैशबोर्ड पर शुभम को 30,000 का फर्जी मुनाफा दिखा दिया। इस मुनाफे को सच मानकर शुभम जालसाजों के चंगुल में पूरी तरह फंस गया। इसके बाद, महिला के कहने पर उसने अलग-अलग किश्तों में विभिन्न यूपीआई, आईडी और बैंक खातों में कुल 18 लाख ट्रांसफर कर दिए। शुभम ने अपनी जमा पूंजी और मुनाफे की रकम वापस निकालने का प्रयास किया। पैसे वापस करने के बजाय आरोपी ने उसे ई-मेल के जरिए उसका अकाउंट ब्लॉक करने की धमकी दी और विड्रॉल प्रोसेस के नाम पर और पैसों की मांग शुरू कर दी। बार-बार पैसे मांगे जाने और टालमटोल रवैये से शुभम को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उसने तुरंत साइबर सेल में इसकी शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रारंभिक जांच के बाद कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तकनीकी तफ्तीश शुरू की। एसीपी संतोष कुमार पटेल ने बताया कि आईपी एड्रेस, ई-मेल लॉग्स, डिजिटल ट्रांजेक्शन और बैंक खातों की कड़ियों को जोड़ने पर इस फ्रॉड के तार पाकिस्तान से संचालित एक संगठित साइबर सिंडिकेट से जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस उन बैंक खातों और यूपीआई आईडी को फ्रीज करवा रही है जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने देश के अन्य किन राज्यों में लोगों को अपना शिकार बनाया है।