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अधिकमास में ओंकारेश्वर में उमड़ रही भीड़: दोपहर दो बजे बाद ओंकार पर्वत परिक्रमा के नौका संचालन पर रोक, जानें

Wed, 10 Jun 2026 09:30 PM IST
Sabahat Husain न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर

सार

Omkareshwar: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल ओंकार पर्वत की संपूर्ण जल परिक्रमा करने वाली नौकाओं पर लागू होगा। श्रद्धालु सूर्यास्त तक अन्य घाटों के लिए नौका सेवा का लाभ ले सकेंगे।

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ओंकार पर्वत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अधिकमास में भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और मां नर्मदा के पावन तट पर रोज सैकड़ों श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए ओंकारेश्वर प्रशासन ने ओंकार पर्वत की संपूर्ण जल परिक्रमा के लिए चलने वाली नौकाओं का संचालन दोपहर 2 बजे बाद करने पर रोक लगा दी है। वहीं, मंदिर के आसपास के घाटों पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक नौका संचालन की अनुमति रहेगी। 

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नगर परिषद ओंकारेश्वर की मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) मोनिका पारधि ने बताया कि हाल ही में जबलपुर क्षेत्र में बरगी बांध के समीप आंधी-तूफान के दौरान हुई क्रूज दुर्घटना में कई लोगों की मृत्यु हो गई थी। इस घटना के बाद प्रदेशभर में जल परिवहन और नौका संचालन की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। इसी के तहत ओंकारेश्वर में भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

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आंधी और बारिश का चल रहा दौर
सीएमओ ने बताया कि वर्तमान समय में आंधी, तूफान और तेज बारिश का मौसम चल रहा है। दोपहर बाद मौसम अचानक बदल जाता है और तेज हवाओं के कारण नर्मदा नदी में नौका संचालन जोखिमपूर्ण हो सकता है। विशेष रूप से ओंकार पर्वत की जल परिक्रमा लगभग 6 से 7 किलोमीटर लंबी होती है। यदि परिक्रमा मार्ग के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना या आपात स्थिति उत्पन्न हो जाए तो तत्काल राहत एवं बचाव दल को वहां तक पहुंचने में कठिनाई होती है। इसी कारण दोपहर 2 बजे के बाद परिक्रमा मार्ग पर नौकाओं के

संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल ओंकार पर्वत की संपूर्ण जल परिक्रमा करने वाली नौकाओं पर लागू होगा। श्रद्धालु सूर्यास्त तक अन्य घाटों के लिए नौका सेवा का लाभ ले सकेंगे। ब्रह्मपुरी घाट, चक्रतीर्थ घाट, केवलराम घाट, नगर घाट, गोमुख घाट, नया घाट, ओंकार मठ घाट तथा अन्य स्वीकृत घाटों के बीच नौका संचालन पूर्ववत सूर्यास्त तक जारी रहेगा।
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नाविक संघ ने किया स्वागत
इस संबंध में ओंकारेश्वर नाविक संघ के अध्यक्ष कैलाश भंवरिया ने प्रशासन के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से बढ़कर कुछ भी नहीं है। नाविक संघ स्वयं भी लंबे समय से शाम 4 बजे के बाद परिक्रमा मार्ग पर नौकाएं भेजने से परहेज करता रहा है, क्योंकि मौसम का मिजाज अचानक बदलने पर खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का यह निर्णय जनहित और सुरक्षा की दृष्टि से उचित है।

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