फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक साल से कॉलेज के सीनियर कर रहे थे परेशान, छात्र ने की आत्महत्या

Fri, 15 Jun 2018 04:44 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
विज्ञापन
विज्ञापन

दुनिया में सभी माता पिता अपने बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए उन्हें कॉलेज भेजते हैं। उन्हें लगता है कि उनके बच्चे कॉलेज में पूरी तरह सुरक्षित हैं लेकिन कॉलेज में होने वाली रैगिंग जैसी घटनाओं का डर भी होता है उन्हें। कई बार तो छात्र रैगिंग से इतने दुखी हो जाते हैं कि वह आत्महत्या जैसा कदम तक उठा लेते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ है एलएन मेडिकल कॉलेज के छात्र यश के साथ भी। यश ने बुधवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 

विज्ञापन


मुलताज ब्लॉक के सेंदुरजना गांव के रहने वाले यश के पिता का कहना है कि प्रथम वर्ष में उनके बेटे के साथ रैगिंग हुई थी। जिसकी शिकायत वापिस लेने के मामले में कॉलेज के दो छात्र गुट उस पर दवाब बना रहे थे। उन लोगों ने यश के साथ मारपीट भी की, उससे कई बार पैसों की भी मांग की गई। जिस कारण उसने ऐसा कदम उठाया। यश ने अपनी मौसी के बेटे विजय पवार के घर फंदे पर लटक कर फांसी लगा ली। जब रात को 12:30 बजे विजय घर लौटा तो उसने यश को फंदे से लटका पाया। जिसके बाद पुलिस और परिजनों को इस बात की सूचना दी गई।  

जानकारी के मुताबिक कॉलेज की सीनियर्स ने यश के साथ पिछले साल रैगिंग की थी। जिसके बाद इंजीनियरिंग के सीनियर्स ने इस बात की शिकायत एंटी रैगिंग हेल्पलाइन में कर दी। यश शिकायत वापिस लेना चाह रहा था लेकिन इंजीनियरिंग की छात्रा श्रुति समेत 5 लड़के उस पर  शिकायत वापिस ना लेने का दवाब बना रहे थे। दो महीनों के भीतर वह उन्हें डेढ़ लाख रुपये दे चुका था। इसके बाद वह 11 जून को भोपाल चला गया जहां छात्रों के दूसरे गुट ने उसे जमकर पीटा। फिर वह 12 जून को बैतूल चला गया। वहां जाकर उसने आत्महत्या कर ली।
विज्ञापन


मामले पर कॉलेज के डीन, डॉ. बीपी दुबे का कहना है कि छात्र ने 2016 में दाखिला लिया था। जिसके बाद वह फेल होने के कारण पुराने छात्रों की श्रेणी में आ गया। इसलिए रैंगिंग का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि छात्र ने प्रथम वर्ष में रैगिंग की शिकायत की थी और बाद में वापिस भी ले ली। वहीं बैतूल के एसपी, डीआर तेनावरी का कहना है कि परिजनों ने सीनियर छात्रों पर रैगिंग का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रत्येक बिंदु पर जांच की जा रही है।  

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें