मध्यप्रदेश में संपत्ति को लेकर अपने पिता को पीटने वाले दो बेटों को अदालत ने न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई। साथ में एक-एक हजार का जुर्माना भी लगाया है। जब अदालत में गवाही हुई तो पीड़ित की पत्नी, बेटे, बहू और तमाम गवाहों ने उसके खिलाफ बयान दिया लेकिन अदालत ने पीड़ित के कथन को ही आधार मानते हुए फैलसा सुनाया।
दरअसल, सीहोर के रहने वाले किशन पुरी गोस्वामी ने 22 दिसंबर 2016 को आवेदन दिया था कि उनके बेटे बनवारी पुरी और सुरेश पुरी जबरन उनकी स्व-अर्जित संपत्ति हथियाना चाहते हैं। दोनों बेटों ने उनके साथ दो-तीन बार मारपीट भी की। उनके बेटे धमकी देते हैं कि चुपचाप सारी संपत्ति हमें सौंप दें नहीं तो हम तेरा कत्ल कर देंगे।
आवेदन में कहा गया था कि बेटों ने उन्हें घर से भगा दिया। उसकी पत्नी भी बेटे और बहू के पक्ष में है। किशन पुरी के आवेदन पर अहमदपुर पुलिस ने अभिभावक एवं वरिष्ठ नागरिकों को भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम तथा अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर चालान न्यायालय में पेश किया।
प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट जफर इकबाल के समक्ष सुनवाई के दौरान एक भी गवाह फरियादी के पक्ष में नहीं बोला। स्वयं फरियादी किशन पुरी ने अपनी पीड़ा बताई। विवेचना के दौरान फरियादी किशन पुरी की मौत भी हो गई थी। पीड़ित के कथनों को ही आधार मानकर न्यायाधीश ने आरोपी पत्नी, बेटों और बहुओं को सजा सुनाई।