मध्यप्रदेश के अधिकारियों को महाराष्ट्र से आने वाले लोगों की कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए थर्मल स्क्रीनिंग करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने महाराष्ट्र से आने वाले लोगों को एक सप्ताह के अनिवार्य क्वारंटीन में जाने की सलाह दी है क्योंकि कई वाहन सीमा पर कहने के बावजूद रुक ही नहीं रहे हैं।
बड़वानी की मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनीता सिंगरे ने कहा, 'हमने खेटिया और सेंढावा सीमा पर अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग के लिए कर्मचारी नियुक्त किए हैं।' इस दौरान सीमा से सैकड़ों वाहन गुजर रहे हैं और सेंढावा सीमा पर महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग करते हए केवल दो स्वास्थ्यकर्मी पाए गए।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, सेंढावा सीमा पर मौजूद एक स्वास्थ्यकर्मी आसाराम चौहान ने कहा, 'स्क्रीनिंग एक मार्च से शुरू हो गई थी। हमें कहा गया है कि अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को रोकें और इसके बाद यात्रियों की स्क्रीनिंग करें। लेकिन कुछ वाहन ही रुक रहे हैं और जो वाहन रुकते हैं उनमें बैठे यात्रियों की हम स्क्रीनिंग करते हैं।'
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में बीते कुछ समय में कोरोना वायरस संक्रमण के लगातार बढ़ते नए मामलों के देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने बीते शनिवार को दिशानिर्देश जारी किए थे। इन दिशानिर्देशों के अनुसार कोरोना से बचाव के लिए महाराष्ट्र से राज्य में आने वाले यात्रियों को सात दिन के लिए क्वारंटीन में अनिवार्य रूप से जाने की सलाह दी गई थी।
बता दें कि कोविड-19 संक्रमण से बचाव और इसके प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार की ओर से जारी एक बयान में भोपाल, इंदौर और 12 अन्य जिलों के प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। बयान में कहा गया, 'महाराष्ट्र से यात्रा करने वाले लोगों को थर्मल स्क्रीनिंग करानी होगी और सात दिन के अनिवार्य क्वारंटीन में जाना होगा।'