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मध्यप्रदेश में कोरोना: कुल संक्रमितों की संख्या 2715 हुई, अब तक 145 लोगों की मौत

Fri, 01 May 2020 11:02 PM IST
आसिम खान पीटीआई, भोपाल
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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
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मध्य प्रदेश में कोरोना मामलों की कुल संख्या अब 2715 हो गई है। वहीं, राज्य में इस संक्रमण के कारण मरने वालों का आंकड़ा 145 हो गया है। इस बात की जानकारी राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने दी। 

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एक लाख मजदूरों को विशेष ट्रेनों द्वारा वापस लाया जाएगा- शिवराज
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को घोषणा की कि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे राज्य के एक लाख मजदूरों को विशेष ट्रेनों द्वारा वापस लाया जाएगा। महाराष्ट्र के नासिक से प्रवासी मजदूरों (350) को ले जाने वाली श्रमिक विशेष ट्रेन रात साढ़े नौ बजे भोपाल के लिए रवाना हुई। शिवराज ने बताया कि राज्य सरकार ने अभी तक 40 हजार मजदूरों को बस से वापस बुलाया है। 

चौहान ने देश के विभिन्न स्थानों पर फंसे मध्य प्रदेश के मजदूरों की संख्या के बारे में रेल मंत्रालय को आवश्यक जानकारी देने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव आईसीपी केशरी को निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि मजदूरों को आराम से यात्रा करनी चाहिए और उनके लिए भोजन व अन्य चीजों की व्यवस्था होनी चाहिए।
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केशरी ने कहा कि मध्य प्रदेश के एक लाख से अधिक मजदूर अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं: महाराष्ट्र में 50 हजार, गुजरात में 30 हजार, तमिलनाडु में 8000, कर्नाटक में 5000, आंध्र प्रदेश में 10,000 और गोवा में 3000 लोग हैं। 

किसान अब घर बैठे बेच सकेंगे अपनी फसल, सरकार ने मंडी अधिनियम में किया संशोधन
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को मंडी अधिनियम में संशोधन की घोषणा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य कृषि उपज का अधिकतम मूल्य सुनिश्चित करना है। 

नियम के मुताबिक किसान अब घर बैठे ही अपनी फसल निजी व्यापारियों को बेच सकेंगे। बाजार (मंडी) जाने की आवश्यकता नहीं है। संशोधन नियम लागू होने से अब पूरे प्रदेश के लिए एक लाइसेंस रहेगा। व्यापारी कहीं भी फसल खरीद सकेंगे. इसके साथ ही प्रदेश में अब e-trading व्यवस्था भी लागू की गई है। 

इसमें पूरे देश की मंडियों के दाम रहेंगे। इसका फायदा ये होगा कि किसान देश की किसी भी मंडी में, जहां उनकी फसल का अधिक दाम मिले, वहां सौदा कर पाएंगे।

रेड जोन में शामिल इंदौर में तीन मई के बाद 10 से 20 दिन बढ़ेगा लॉकडाउन
देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर में जारी लॉकडाउन को तीन मई के बाद 10 से 20 दिन तक बढ़ाया जाएगा। इस महामारी के प्रकोप के कारण देशव्यापी लॉकडाउन का दूसरा चरण तीन मई को खत्म होने वाला है।

जिलाधिकारी मनीष सिंह ने शुक्रवार को बताया, 'कोविड-19 के मौजूदा हालात को देखते हुए हमने चिकित्सा के जानकारों, जन प्रतिनिधियों और अन्य संबद्ध पक्षों से विस्तृत चर्चा की है। इसके बाद तय किया गया है कि जिले में लागू लॉकडाउन को तीन मई के बाद 10 से 20 दिन तक बढ़ाया जाएगा।'

उन्होंने कहा, 'हमने कड़ी मशक्कत के बाद शहर में कोविड-19 की स्थिति को नियंत्रित किया है। अभी हालात में 70 प्रतिशत तक सुधार है। स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने के लिये लॉकडाउन बढ़ाना जरूरी है।' सिंह ने बताया कि शहर में कोविड-19 के नए मरीजों की तादाद में कमी आई है, जबकि इलाज के बाद स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है।

जिलाधिकारी ने बताया कि उन्होंने पुलिस से कहा है कि जिले भर में लॉकडाउन को सख्ती से लागू कराया जाये और इसका उल्लंघन करने वाले लोगों को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा, 'हम लॉकडाउन का उल्लंघन कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमने इंदौर शहर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू का आदेश पहले से जारी कर रखा है। लिहाजा इसकी अवधि बढ़ाने के लिये अलग से कोई आदेश जारी करने की आवश्यकता नहीं है।ट

इंदौर जिले में अब तक कोविड-19 के 1,513 मरीज मिल चुके हैं जिनमें से 72 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। जिले के 250 से ज्यादा लोगों को इस संक्रमण से मुक्त होने पर अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है।

इंदौर में कोरोना से मरने वालों की संख्या 72 हुई, 1500 से ज्यादा संक्रमित मरीज

देश में कोरोना वायरस के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर में इस महामारी से चार और मरीजों की मौत की पुष्टि की गई है। इसके बाद जिले में इस वायरस के संक्रमण के बाद दम तोड़ने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 72 हो गई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) प्रवीण जड़िया ने शुक्रवार को बताया कि कोविड-19 से संक्रमित पाए गए चार मरीजों की शहर के अस्पतालों में पिछले दो दिन के दौरान मौत हुई। इनमें 95 वर्षीय महिला, 75 वर्षीय पुरुष, 55 वर्षीय पुरुष और 42 वर्षीय पुरुष शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ये मरीज उच्च रक्तचाप, टीबी, श्वसन तंत्र संबंधी रोग (सीओपीडी) और अन्य बीमारियों से पहले ही जूझ रहे थे।

सीएमएचओ ने बताया कि पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 28 और मरीज मिलने के बाद जिले में इस महामारी की जद में आए लोगों की तादाद 1,485 से बढ़कर 1,513 पर पहुंच गई है। इनमें से 242 मरीजों को इलाज के बाद संक्रमण मुक्त होने पर अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है।

कोरोना के संक्रमण में उल्लेखनीय कमी आई है: शिवराज सिंह
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है और गुरुवार को आई जांच रिपोर्ट में प्रदेश में मात्र 2.4 प्रतिशत लोग संक्रमित निकले हैं।

जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि मुख्यमंत्री चौहान ने गुरुवार को मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोरोना नियंत्रण और बचाव संबंधी व्यवस्थाओं की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए कहा कि 30 अप्रैल को जांच रिपोर्ट में प्रदेश में मात्र 2.4 प्रतिशत लोग कोरोना वायरस से संक्रमित मिले हैं। 

इनमें भोपाल में 1.9 प्रतिशत, इंदौर में 2.2 प्रतिशत और जबलपुर में 4.4 प्रतिशत लोग प्रकरण संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह अच्छे संकेत हैं। हम शीघ्र ही कोरोना वायरस को परास्त करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इंदौर की स्थिति में भी निरंतर तेज गति से सुधार हो रहा है। गत 30 अप्रैल की जांच रिपोर्ट में इंदौर के 451 जांच परिणाम में से मात्र 10 संक्रमित निकले हैं। 

प्रदेश की 30 अप्रैल की जांच रिपोर्ट में कुल 2617 जांच में से केवल 65 संक्रमित लोग मिले हैं। भोपाल में की गई 1275 लोगों की जांच में से 25 तथा जबलपुर के 157 लोगों की जांच में से सात संक्रमित लोग पाए गए हैं। उज्जैन में की गई 94 लोगों की जांच में 11 लोग संक्रमित मिले हैं।
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विभिन्न प्रदेशों में फंसे मध्यप्रदेश के लोगों को वापस लाने के लिए अधिकारी नियुक्त

देशभर में लॉकडाउन के कारण विभिन्न राज्यों में रुके मध्यप्रदेश के श्रमिकों और विद्यार्थियों सहित अन्य लोगों को वापस लाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने सात वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इन अधिकारियों को अलग-अलग राज्यों का दायित्व सौंपा गया है तथा संबंधित राज्य में फंसे प्रदेश के लोगों की वापसी की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

अधिकारिक तौर पर शुक्रवार को यहां बताया गया कि लॉकडाउन के कारण मध्यप्रदेश के अनेक नागरिक, श्रमिक, विद्यार्थी, दर्शनार्थी और अन्य लोग विभिन्न राज्यों में रुके हुए हैं। इसी प्रकार अन्य प्रदेशों के नागरिक मध्यप्रदेश में रुके हुए हैं। वे सब अपने-अपने प्रदेश और घर जाने को इच्छुक हैं।

मध्यप्रदेश में फंसे कश्मीरी विद्यार्थियों ने घर लौटने के लिए मांगी मदद
कोरोना वायरस को रोकने के लिए लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन के कारण मध्यप्रदेश में फंसे जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों ने घर लौटने के लिए गुरुवार को मध्यप्रदेश सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी इस संबंध में हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। सिंह ने शाह को लिखे पत्र में कहा है कि लॉकडाउन के कारण मध्यप्रदेश में जम्मू-कश्मीर के करीब 400 कश्मीरी विद्यार्थी फंसे हुए हैं और वे अपने घर लौटने के लिए सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में केंद्र का शासन है। इसलिए केंद्र सरकार का कर्तव्य है कि वह देश के अन्य भागों में भी फंसे जम्मू-कश्मीर के लोगों की मदद करें और उनको उनके राज्य में भेजने की व्यवस्था करें।
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