कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए देशभर में चार चरणों में लॉकडाउन लगाया गया। इसके बाद देश में अब अनलॉक-1.0 लागू है, इस दौरान आठ जून से देश के लगभग सभी राज्यों में धार्मिक स्थलों को खुलने की अनुमति दे दी गई है। लेकिन मध्यप्रदेश के दो जिलों में 15 जून तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है।
ये दो जिले इंदौर और भोपाल हैं। ये दो जिले देशभर में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में शामिल हैं। इसलिए इन दो जिलों में लोगों के लिए भगवान के दरवाजे अब भी बंद हैं। अगर 15 जून तक यहां स्थिति संभलती है तो लॉकडाउन खुल सकता है और यहां के भक्तों के लिए भी मंदिर के दरवाजे खुल सकते हैं। लेकिन स्थितियां बदली नजर आएंगी।
मंदिर खुलने पर दिखेंगे बड़े बदलाव
जानकारी के मुताबिक भोपाल में मंदिर जब भी खुलेंगे, उस समय आरती में घंटे, घंटियां, नगाड़े, करताल व मंजीरे आदि वाद्य यंत्रों के स्वर तो सुनाई पड़ेंगे, पर इन्हें बजाने वाले श्रद्धालु, पंडित या पुजारी नहीं होंगे।
यह वाद्य एक इलेक्ट्रिक सिस्टम से बजेंगे। हालांकि कई मंदिरों में यह सिस्टम पहले से उपयोग में लाए जा रहे हैं, परंतु जहां बंद थे, उन्हें अब पुन: निकाल कर लगाया जा रहा है। जहां नहीं है, वहां इन्हें मंगाने की तैयारी की जा रही है।
भक्तों को नहीं होगी गायन की अनुमति
मंदिर कमेटियों ने फैसला किया है कि महामारी के चलते अब इन्हीं इलेक्ट्रिक वाद्य यंत्रों की धुन पर आरती की जाएगी। बिड़ला मंदिर में इस सिस्टम के अलावा आरती की सीडी चलेगी, जिससे भक्त मास्क लगा होने पर स्वयं आरती न गाकर सिर्फ सुन सकें।
इससे संक्रमण फैलने का खतरा भी नहीं रहेगा। कई मंदिरों में फिलहाल प्रसाद के रूप में केवल चरणामृत बांटा जाएगा। बगैर मास्क लगाए व्यक्ति को मंदिरों में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।