मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन ने कुछ फैसले लिए हैं। इसके मुताबिक जनता के स्वास्थ्य हित, लोकशांति बनाए रखने और सोशल डिस्टेंसिंग के उद्देश्य से सभी गतिविधियों को बंद करने को कहा गया है। इसके साथ ही लोगों की सुरक्षा के लिए आईपीसी की धारा 144 लागू की गई है।
इसके साथ ही जिला कलेक्टर ने एक अन्य आदेश में कहा है कि नगर निगम सीमा क्षेत्र में कोरोना वायरस के प्रसार की स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन के दौरान लोगों का घर में रहना अनिवार्य है। लोगों की सुविधा के लिए दूध, किराना, सब्जी, फल और इलेक्ट्रॉनिक्स का सामान घर-घर पहुंचाने की व्यवस्था पहले से ही चल रही है।
इंदौर में कर्फ्यू वाली स्थितियों में ऑनलाइन सामान बेचने वाली संस्थाएं ऑनलाइन और फोन कॉल से बुकिंग लेकर घर-घर भोजन वितरण इस प्रकार से कर सकती हैं जिससे शहरवासियों को उनके घर पर ही भुगतान के आधार पर सामग्री मिल सके। हालांकि, जिन संस्थाओं को इसकी अनुमति दी जा रही है उन्हें इंदौर होटल्स एसोसिएशन से चर्चा कर होटल या रेस्टोरेंट का चयन करना होगा।
इसके अलावा अभी तक बंद गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को भी कलेक्टर ने गतिविधियां संचालित करने की अनुमति दे दी है। ये कंपनियां लोन संबंधी अपनी गतिविधियां शुरू कर सकेंगी।
वहीं, चोइथराम मंडी में आलू, प्याज और लहसुन की खरीदी बिक्री के लिए कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए कहा कि व्यापारी स्थानीय आलू-प्याज की ही खरीद कर सकेंगे। इसके अलावा किसानों को नियमों और शर्तों के साथ सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे के बीच अपनी उपज मंडी लाने की अनुमति दी गई है।